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आठ दिनों बाद छपरा हादसे पर बोले नीतीश

8 वर्ष पहले
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पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छपरा के मिड डे मील हादसे के आठवें दिन कहा कि घटना के तत्काल बाद ही मेरे स्तर पर सभी निर्णय लिये गये। मेरे पैर की जो हालत है, उससे मीडिया के लोग वाकिफ हैं। इसके चलते वहां नहीं जा सका। छपरा हादसा दिल को दहलाने वाली घटना थी।
उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि घटना के बाद मैं पल-पल की जानकारी ले रहा था। बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें पीएमसीएच लाने का फैसला किया गया। दो दिनों पहले पता चला कि बीमार बच्चों को डिस्चार्ज किया जा रहा है तो मैंने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को अस्पताल भेजा। चूंकि मामला जहर का था, लिहाजा उन्हें डिस्चार्ज करने में खास सावधानी की जरूरत होगी। वह अपने आवास पर आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में बोल रहे थे।
नीतीश ने घटना को हृदय विदारक बताते हुए कहा कि बच्चों से भला किसी को क्या दुश्मनी हो सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र की इस योजना में और भी संसाधन बढ़ाने की जरूरत है, ताकि सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता हों। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसे मिलकर हमें चलाना है। विपक्ष के आरोपों को उन्होंने निराधार कहा।
उन्होंने हैरानी जाहिर की कि बार-बार मना करने के बाद भी जहरीला खाना बच्चों को दिया गया। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनायी गयी है। जो लोग भी इसमें शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। घटना के दिन फारेंसिक की टीम को मौके तक जाने में बाधा डाली गयी। उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया गया। यह सब काम गांव के लोगों ने नहीं किया। मुझे हैरानी होती है कि जब बच्चे छटपटा रहे थे, तब कुछ लोग बंद करा रहे थे। उनका स्पष्ट संकेत विपक्ष की ओर था।
उन्होंने कहा कि बच्चों का इलाज चल रहा था। मेरे वहां नहीं जाने और नहीं बोलने पर मुझे मौन बताया जा रहा था। मैं घर पर बैठने वाला व्यक्ति नहीं हूं। उन्होंने कहा कि मेरे बारे में बहुत सारी बातें कही जा रही हैं, पर मैं उतना नीचे जाकर राजनीति नहीं कर सकता।
नीतीश कुमार ने कहा कि पीडि़तों के गांव में सर्वांगींण विकास नहीं दिख रहा है। हमने फैसला किया है कि पीडि़तों के गांव में विकास की गति तेज की जाएगी। उस गांव में सरकार की ओर से हाई स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। पेंशन और इंदिरा आवास के हकदारों को उसे दिया जाएगा। गांव के विकास की आवश्यकता को सौ फीसदी पूरा किया जाएगा। ऐसे पीडि़त लोग भी होंगे जो चल रही योजनाओं के तहत नहीं आ पाएंगे तो उन्हें विशेष योजना से जोड़ा जाएगा।