पटना. सोन भवन के कैंपस में नाले पर बने
विवाह मंडप के बांस बल्ले समेत ढांचे को हटा दिया गया है। अब विवाह मंडप में शादी की शहनाई नहीं बजेगी। नगर आयुक्त के आदेश पर मंडप संचालक ने इसे खुद ही हटाने की कार्रवाई की है। सरपेंटाइन नाले पर बने विवाह मंडप को हटाने का आदेश 10 मई को नगर आयुक्त ने दिया था। इसके बाद संचालक ने नगर आयुक्त से कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। शादी की बुकिंग खत्म हो जाने पर इसे हटा लिया गया है।
निगम अधिकारी की मानें, तो अतिक्रमण और सफाई नहीं होने की वजह से सरपेंटाइन नाले का बहाव उलटा हो गया था। पहले यह नाला मधुबन रेस्टोरेंट से सोन भवन, अदालतगंज की ओर बहते हुए मंदिरी नाले में जाकर मिलता था। यह इसका वास्तविक फ्लो था। लेकिन, अभी यह नाला सोन भवन की ओर से मधुबन रेस्टोरेंट होते हुए बोरिंग कैनाल नाले में मिलता है। जब तक अवरोध हटाकर नाले की उड़ाही नहीं होगी, यह पुराने फ्लो में नहीं आ पाएगा। 5 मई को नगर आयुक्त ने जायजा लिया था
सालाना 2.40 लाख की होती थी कमाई
विवाह मंडप के प्रबंधक की ओर से सालाना 2.40 लाख रुपए किराया सोन कमांड को दिया जाता था। करीब 10 साल से विवाह मंडल चल रहा था। सोन कमांड ने मंडप के मालिक विवेक कुमार को बैंक्वेट एंड कैटरर्स के लिए लीज पर जमीन दी थी। लीज की शर्तों के अनुसार करीब दस हजार वर्गफीट के भूभाग पर कोई भी स्थायी या पक्का निर्माण नहीं करना था। इसके बजाय वहां शादी का मंडप बना दिया गया।