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डाउनलोड करेंपटना. राज्य सरकार ने दूसरी बार सत्ता संभालते ही करीब 1319 किमी. एमडीआर (जिलों की मुख्य सड़कें) को स्टेट हाइवे बनाने की योजना थी। इन नवघोषित स्टेट हाइवे का निर्माण राष्ट्रीय सम विकास योजना से कराने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन, इस पर बात नहीं बनी। सवाल यह है कि इन सड़कों के लिए अब पैसे कहां से आएंगे।
3990 करोड़ रुपए की है जरूरत
जिन सड़कों को स्टेट हाइवे घोषित किया गया है, वे फिलहाल तीन से चार मीटर चौड़ी हैं। वे मोटरेबुल नहीं हैं। टूटी-फूटी हैं। कई किलोमीटर की स्थिति तो ग्रामीण सड़कों के समान है। इन सड़कों को 10 मीटर चौड़ा करना है, जिसमें 7 मीटर पक्की यानी कालीकरण किया जाता है। आवश्यकता के मुताबिक सड़क की ऊंचाई आधा से एक मीटर की जाती है। इस पर प्रति किमी. तीन करोड़ रुपये लागत आएगी। इस हिसाब से 1330 किमी. स्टेट हाइवे को बनाने में 3900 करोड़ रुपये की जरूरत है।
ये हैं विकल्प
केंद्र द्वारा प्रस्ताव खारिज करने के बाद सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) और जाइका (जापान की बैंक) से लोन लेने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, करीब 1500 किमी. स्टेट हाइवे का निर्माण कार्य एडीबी के लोन से ही चल रहा है। आवश्यकता पडऩे पर बाजार से पैसा उगाहने (बॉण्ड लाने) की भी योजना बनाई गई है। वैसे पथ निर्माण विभाग सूबे की सड़कों के निर्माण के अन्य वैकल्पिक रास्ते पर भी काम कर रहा है। पीपीपी मोड पर स्टेट हाइवे के निर्माण की नीति पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
एसएच का गणित
राज्य में स्टेट हाइवे : 4857 किमी राष्ट्रीय सम विकास योजना से बनीं सड़कें : 2040 किमी. एडीबी सॉफ्ट लोन से बनीं/निर्माणाधीन सड़कें : 1429 किमी. सीआरएफ के तहत बनने वालीं सड़कें : 58 किमी. निर्माण के लिए बचीं सड़कें : 1330 किमी. पुराने एसएच : 11 नवघोषित : 1319
हो रही पैसे ही व्यवस्था
सड़कों का डीपीआर बन रहा है। पैसे की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।ञ्जञ्ज
देव नारायण प्रसाद, सीजीएम, बीएसआरडीसी
बनानी हैं ये सड़कें
दिघवारा-सेमरी, डुमरावं-विक्रमगंज, भेंगारी-मिश्रौली, बायसी-बहादुरगंज, भभुआ-अधौरा, कादिरगंज-सोनो, घोघा-बाराहाट, अकबरपुर-अमरपुर, सरायगढ़-परवाहा, हाजीपुर-बछवारा, मानसी-अरदी चौघरा, मांझी-बरौली, बिशनपुर- घोघराहाचट्टी, कटिहार-बलरामपुर, बंधुगंज-रोहिणी, अंबा-गया, बिहिया-बिहटा, मंझवे-गोविंदपुर, बेतिया-लौरिया
योजना आकार 40 हजार करोड़ का
पटनात्नराज्य का नया योजना आकार 40 हजार करोड़ का होगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम संपर्क योजना की शुरुआत के मौके पर कहा कि विकास के लिए धन की कमी नहीं है। बोले- हमग सत्ता में आए, तो योजना आकार 4000 करोड़ रुपए था। इसे लगातार बढ़ाया जाता रहा। कोशिश है कि अगले वित्तीय वर्ष में इसे 40 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाया जाए।
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