पटना. संविदा पर कार्यरत नर्सों को साक्षात्कार नहीं देना होगा सिर्फ उनके कागजातों का वेरिफिकेशन होगा। उनके अनुभव को ही साक्षात्कार माना जाएगा। इसी के लिए नर्सें आंदोलन भी कर रहीं थीं और इसी आश्वासन पर उन्होंने हड़ताल भी खत्म की है। कोशिश हो रही है कि अब आठ अक्टूबर से शुरू होने वाले इंटरव्यू को तीन अक्टूबर से ही शुरू कर दिया जाय। एक दिन में करीब 500 सौ नर्सों का इंटरव्यू होगा। इंटरव्यू का मतलब है उनके कागजातों का सत्यापन।
संविदा पर कार्यरत सभी नर्सों को स्थाई नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इससे कोई वंचित नहीं होगी। ऐसे किसी नर्स को वंचित नहीं करने का स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह और प्रधान सचिव दीपक कुमार ने लिया है। यह दावा है पटना मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा का। डॉ. सिन्हा ने सोमवार को नर्सों के प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंटरव्यू के बाद सभी को नियमित कर दिया जाएगा। तीन दिन तक हड़ताल पर रहीं नर्सों को कार्य से डिस कंटीन्यू नहीं माना जाएगा और उनका वेतन भी नहीं काटा जाएगा। माना जाएगा कि दो या तीन दिन तक वे छुट्टी पर रहीं। दशहरा के पहले उनके बकाया वेतन का भी भुगतान हर हाल कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने भी उनके बकाए वेतन का भुगतान करने की बात कहीं है।
स्थाई नियुक्ति की प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी करनी है। राज्य कर्मचारी आयोग इंटरव्यू और नर्सों के सर्टिफिकेट का जांच करेगा। जब प्रक्रिया पूरी होगी उसी तारीख से उन्हें नियमित किया जाएगा। इस प्रक्रिया से राज्य में संविदा पर कार्यरत करीब साढ़े छह हजार नर्सें लाभान्वित होंगी।
एनएमसीएच में कामकाज सामान्य : एनएमसीएच में रविवार रात हुई घटना के बाद सोमवार को ड्यूटी जाने से पहले नर्सें डरी हुईं थी। पुलिस की सुरक्षा में वे अस्पताल गईं।
ये हुए फैसले
कार्य अनुभव को माना जाएगा साक्षात्कार, गड़बड़ी नहीं हुई तो सभी को मिलेगा नियुक्ति पत्र
आंदोलन के दौरान काम नहीं करने पर वेतन नहीं कटेगा, दशहरा के पहले मिल जाएगा बकाया वेतन
स्वास्थ्य मंत्री से मिली नर्सें, मिला इसी तरह का आश्वासन