पटना. हम डराना नहीं, अलर्ट करना चाहते हैं। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हादसे को आमंत्रित कर रहे हैं छोटे गैस सिलिंडर। कैम्पस में करीब 100 छोटे गैस सिलिंडर हर समय मौजूद रहते हैं। ये सिलिंडर सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं।
इनमें से एक भी फटा तो लगातार दर्जन-दो दर्जन सिलिंडर फट सकते हैं। ऐसे में जान-माल के नुकसान की सोच ही रूह कंपा देती है। ऐसा हादसा पहले भी हो चुका है लेकिन पीएमसीएच प्रशासन इन सब पर आंख मूंदे बैठा हैं। यहां खाना पकाने के लिए इंडेन के सहयोग से खोली गई सामुदायिक रसोई बंद हो चुकी है। मरीजों के परिजन अब खाना बनाने के लिए छोटे सिलिंडरों पर निर्भर है।
इमरजेंसी वार्ड के ठीक बगल के हॉल में दर्जन से ज्यादा छोटे सिलिंडर हर समय रहते हैं। इस हॉल में खाना बनाना सख्त मना है। सुरक्षाकर्मी इसके गेट पर रहते हैं। इसके पास की इमरजेंसी में दिन भर डॉक्टर और अधिकारी आते रहते हैं। इन सिलिंडरों को हटवा कर सामुदायिक रसाई को निशुल्क कराते हुए तीमारदारों को सुविधा देने की जरूरत किसी को नहीं समझ में आती।
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