पटना. मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने केंद्र से बिहार की अंतरराष्ट्रीय सीमा व नक्सलग्रस्त क्षेत्रों में पर्याप्त केंद्रीय बल तैनात करने का अनुरोध किया है। मांझी ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए भी अतिरिक्त पैरा मिलिट्री फोर्स की मांग की है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया।
साथ ही अनुरोध किया कि वे झारखंड से पेंशन मद में बकाया 2584.09 करोड़ रुपए बिहार को दिलवाएं या इसकी भरपाई कराएं। गृहमंत्री ने राज्य सरकार की मांगों पर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा संबंधी व्यय योजना के तहत सारण को शामिल करने और बेतिया को इस सूची से हटाने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा जा चुका है। इसपर तत्काल फैसला किया जाना चाहिए।
बिहार में आरएएफ और सीआरपीएफ समेत अन्य केंद्रीय पुलिस बल की बटालियन की जल्द प्रतिनियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि सड़क आवश्यक योजना-1 के पूर्ण होने के बाद अब फेज-2 के तहत बिहार के दुर्गम पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में सड़क निर्माण की योजनाओं को गृह मंत्रालय की मंजूरी मिल जानी चाहिए। आईसीपी रक्सौल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के एवज में केंद्र ने 88.15 करोड़ रुपए नहीं दिए हैं।
(नई दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी।)