पटना. हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार को जदयू विधानमंडल दल का नेता चुने जाने पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए स्पीकर के फैसले पर रोक लगा दी है।
बताते चलें कि 7 फरवरी को जदयू ने नीतीश कुमार को विधायनमंडल दल का नेता चुना था। इसके बाद मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने समर्थक काराकट विधायक राजेश्व राज की ओर से पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस पर बुधवार को पटना हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया है। यह स्टे तब तक लगा रहेगा जब तक इस मामले पर राज्यपाल अपना फैसला नहीं ले लेते हैं।
कानून का सहारा लेकर हॉर्स ट्रेडिंग के लिए समय पाना चाहते हैं मांझी
पटना हाईकोर्ट द्वारा नीतीश कुमार को विधानमंडल दल का नेता चुने जाने पर रोक लगाने के मामले में जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि मांझी कानून का सहारा लेकर हॉर्स ट्रेडिंग (समर्थन के लिए विधायकों को रुपए, या अन्य तरह के लालच देना) की कोशिश कर रहे हैं। अलोक ने कहां कि मांझी कानून का सहारा लेकर अपनी सरकार को अधिक से अधिक समय तक बनाए रखना चाहते हैं, ताकि हॉर्स ट्रेडिंग के लिए समय मिल सके।