पटना. राजद सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा है कि पटना उच्च न्यायालय ने संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा की है। संविधान के चीरहरण की एक और कोशिश को पटना हाईकोर्ट ने नाकाम कर दिया है। विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने संविधान के प्रावधानों की अनदेखी कर विधान मंडल में नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल की नेता की मान्यता दी थी। बहुमत विधानसभा में तय होता है।
इसके लिए मार्च और पैरेड की कोई जरूरत नहीं है। श्री यादव ने कहा कि कुछ लोग सत्ता के पीछे भाग रहे हैं और वह मांझी सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। पटना हाईकोर्ट के निर्णय से उनके प्रयासों को धक्का लगा है।
मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने बिहार ठेकेदारी नियमावली 2007 में संशोधन कर एक ऐतिहासिक काम किया है। पोशाक, साइकिल और स्कॉलरशिप की राशि भुगतान के लिए 75 फीसदी की अनिवार्यता समाप्त करके और सवर्ण गरीबों को आरक्षण देने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने की घोषणा भी स्वागत योग्य है। यह जाति, समाज और वोट से ऊपर उठकर राजनीति करने की कोशिश की है। ऐसी कोशिशों से समाज आगे बढ़ेगा।