पटना. पटना नगर निगम के आयुक्त कुलदीप नारायण के निलंबन के मामले पर हाईकोर्ट में सोमवार को दोपहर सवा दो बजे सुनवाई होगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक इस बात की ज्यादा संभावना है कि कोर्ट सरकार के निलंबन आदेश पर रोक लगा देगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2013 को कुलदीप के तबादले पर रोक लगाई थी। इधर, अदालत में सुनवाई के दौरान उठने वाले सवालों के काट ढूंढ़ने के लिए सरकार और उच्च नौकरशाही रविवार को दिनभर माथापच्ची करती रही। छुट्टी के बावजूद सामान्य प्रशासन और नगर विकास विभाग में देर रात तक बैठकों का दौर चला। लंबी कवायद के बाद नगर विकास विभाग ने जवाब तैयार किया। वहीं आईएएस एसोसिएशन के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा संघ ने भी निलंबन का विरोध किया है। संघ ने सरकार से आदेश वापस लेने काे कहा है।
बासा भी कुलदीप नारायण के पक्ष में
आईएएस एसोसिएशन के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा संघ भी निलंबित नगर आयुक्त कुलदीप नारायण के पक्ष में खड़ा हो गया है। बासा के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि बिना ठोस आधार के किसी भी प्रशासनिक पदाधिकारी पर कार्रवाई करना सही नहीं है। संघ इसका विरोध करता है। संघ सरकार से अपेक्षा करता है कि मामले की जांच करे। इसके बाद नियमानुकूल कार्रवाई करे। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से सरकार से तरह-तरह की कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है। इससे नगर विकास विभाग से पदस्थापित पदाधिकारियों का मनोबल गिरता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण नगर आयुक्त कुलदीप नारायण का निलंबन है।
रविवार को बासा के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें कुलदीप नारायण के निलंबन व निगम पदाधिकारियोें के साथ अभद्र व्यवहार की जांच में हो रही देरी आदि पर चर्चा हुई। करीब एक घंटे तक प्रशासनिक सेवा भवन, जवाहरलाल नेहरू मार्ग में हुई बैठक में निलंबन के विरोध में रणनीति तय की गई। संघ के उपाध्यक्ष सुशील वर्मा ने बताया कि इसमें निगम के पदाधिकारियों से प्राप्त बैठक की कार्यवाही पर चर्चा की गई। भारतीय प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा लिए गए निर्णय पर भी चर्चा हुई। गया के वरीय उपसमाहर्ता श्वेता मिश्रा को अविलंब निलंबन से मुक्त करने की मांग की गई। उप सचिव भवन निर्माण विभाग रमेश झा के विरुद्ध कार्यवाही समाप्त करने का आग्रह किया गया है। बैठक में निगम पदाधिकारियों के साथ बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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