पटना. हाईकोर्ट में मंगलवार को एक बार फिर वकीलों और निगम के वकीलों के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। कंकड़बाग, हनुमान नगर सहित अन्य इलाकों के वकीलों ने आयुक्त को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि निगम ने नालों की सफाई नहीं की है। वकील शशि भूषण कुमार ने कहा कि निगम के पास नालों का नक्शा तक नहीं है। लेकिन, मेरे पास है। उन्होंने नक्शा कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने निगम के वकील प्रसून सिन्हा को नक्शा देकर कहा कि वे इसकी छायाप्रति करा कर वापस कर दें। उन्होंने नक्शा को यह कहते हुए वापस कर दिया कि इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनके विरोध पर कोर्ट ने अपने खर्च पर छायाप्रति कराने का आदेश दिया।
वकील शशि भूषण कुमार तथा एसएन पाठक ने कहा कि एनबीसीसी नाला पर निर्माण करा रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। इसपर कोर्ट ने प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर से कहा कि वे नगर विकास सचिव को योगीपुर संप हाउस का मुआयना कर एनबीबीसी द्वारा किए जा रहे निर्माण के बारे में रिपोर्ट प्राप्त करें और अगली तारीख पर पेश करें। इसके पहले निगम के वकील प्रसून सिन्हा ने वकील शशि भूषण कुमार पर आपत्ति करते हुए कहा कि वे कौन हैं? वे जानबूझ कर इस मामले में टांग अड़ा रहे हैं। उसके बाद निगम के दूसरे वकील हरगोविंद सिंह हिमकर भी नगर आयुक्त के बचाव में आ गए। उन्होंने वकीलों की टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उस समय नगर आयुक्त कुलदीप नारायण कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया।
इधर, कोर्ट ने नगर आयुक्त को सराहा
न्यायमूर्ति वीएन सिन्हा और न्यायमूर्ति
पीके झा के खंडपीठ ने कहा- हम मानते हैं कि नगर आयुक्त ने अच्छा काम किया। जलजमाव दूर करने के लिए उठाए गए कदम की हम सराहना करते हैं। लेकिन, वकीलों को अपनी बात कहने से आप कैसे रोक सकते हैं? हम आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए यहां नहीं बैठे हैं। हम चीजों को ठीक करना चाहते हैं। कोर्ट ने इसके साथ ही कुलदीप नारायण को इस मामले में व्यक्तिगत उपस्थिति से मुक्त करते हुए कहा कि अब उनको अाने की जरूरत नहीं है। वे अपार्टमेंट मामले में निगरानी वादों का निपटारा करें। अगली तारीख पर उनकी जगह अपर नगर आयुक्त कपिल अशोक कोर्ट में उपस्थित होंगे।
72 वार्ड पार्षद में 37 ने सौंपी रिपोर्ट
पटना शहर के नालों की स्थिति को लेकर पटना हाईकोर्ट ने जिन 72 वार्ड पार्षदों से रिपोर्ट मांगी थी, उनमें 37 वार्ड पार्षदों ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। शेष पार्षद की ओर से रिपोर्ट पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। रिपोर्ट में क्या कहा गया है इस बात का खुलासा अभी नहीं हुआ है। मेयर अफजल इमाम सहित उप पार्षदों की रिपोर्ट वकील शशि भूषण कुमार मंगलम ने पेश की, जबकि निगम आयुक्त ने दो पार्षदों की रिपोर्ट दी। वार्ड संख्या 38 की पार्षद सुनयना देवी ने अपने वकील के जरिए रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने सभी रिपोर्ट की प्रति निगम आयुक्त को सौंपते हुए कहा कि वे जांच कर बताएं कि पार्षदों ने जो बातें अपनी रिपोर्ट में कही हैं, वह सही है या नहीं। क्योंकि, आयुक्त ने कोर्ट को बताया था कि नाला साफ कराया जा चुका है। मामले पर 23 सितंबर को फिर सुनवाई होगी। उस दिन शेष पार्षद अपनी रिपोर्ट देंगे।