बिहारशरीफ/पटना. कैमूर इन दिनों चर्चा में है। चर्चा जिले के विकास को लेकर है। विकास से दूर ये जिला इन दिनों विकास के लिए ही चर्चा में है। कैमूर ने इस लक्ष्य को हासिल किया है अपने डीएम अरविंद कुमार के आने के बाद। उसकी एक पहल ने कैमूर जिले की तस्वीर को ही बदल दिया है।
डीएम अरविंद कुमार की ओर से किए गए प्रयास के कारण बंजर भूमि के रूप में जाना जाने वाला भभूआ शहर ग्रीन सिटी बन गया। डीएम ने लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए साईकिल की सवारी करने के लिए लोगों को प्रेरित किया, गांवों में होने वाले छोटे-मोटे झगड़े को सुलझाने के लिए अलग से कोर्ट लगवा दिया। कैदियों के लिए भी काम किया। बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दिया। इन कुछ काम ने जिला को देश के मानचित्र पर ला कर खड़ा कर दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में अनूठी पहल
कैमूर के डीएम ने शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अनूठी पहल की। उन्होंने एक रात्रि शिक्षा प्रहरी कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके तहत 103 शिक्षकों की एक टीम बनायी गयी। ये शिक्षक अपने सीआरसी क्षेत्र में छह बजे से लेकर आठ बजे रात्रि तक बच्चों के घर-घर जाकर उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। इससे छात्र तो जागरुक हुए ही, उनके मां-बाप अपने बेटे या बेटियों की पढ़ाई पर ध्यान देने लगे। डीएम ने इस योजना पर अपनी नजर भी रखी और कई बार रात में गांवों का दौरा किया और जाना कि ये कार्यक्रम किस प्रकार से काम कर रहा है।
पेट्रोल बचत का भी सबक सिखाया
लोगों को पेट्रोल बचत करने और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए उन्होंने हफ्ते में एक दिन साइकिल से अपने ऑफिस जाना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने स्कॉट गाड़ी का भी उपयोग नहीं किया। वे विभागीय कार्य से पटना आये तो बस से आए और वापस लौटे। इसके साथ ही ऑफिस में दो घंटे जेनरेटर को बंद करवाया। इससे लोगों ने सबक लिया।
भभुआ को बनाया ग्रीन सिटी
अब तक लोग केवल पिंकी सिटी का नाम सुना करते थे। पर कैमूर के डीएम के प्रयास से एक और सिटी बन गयी वह है ग्रीन सिटी। भभुआ को ग्रीन सिटी का नाम दिया। भभुआ शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित सभी मकान हरे रंग से रंगे हैं। केवल ग्रीन ही नहीं किया, शहर को क्लीन रखने का प्रयास किया। सड़कों पर पेड़-पौधे लगवाये। शहर को अतिक्रमण मुक्त कराया। फुटपाथी दुकानदारों को शहर में सुव्यवस्थित तरीके से स्थायी जगह मुहैया करवाया।
कैदियों को दी नयी जिंदगी
भभुआ मंडल कारा में नये भवन का काम पूरा कर उसमें जगह बढ़ाया। पहले कम जगह में ज्यादा कैदियों को रखा जाता था। वे किसी तरह से इसमें रहते थे। नये भवन के निर्माण कैदियों को रहने की समस्या हल हो गयी।
ग्राम शांति समिति का किया गठन
गांवों में शांति का माहौल बना रहे, इसके लिए शांति समिति का गठन किया। इस समिति में सभी लोगों को भागीदारी दी गयी। इस समिति के जिम्मे यह काम दिया गया कि आप यहां होने वाले विकास के कार्यों पर निगरानी रखें। छोटे-मोटे झगड़े का निपटारा करें।
गांवों में लगाया कोर्ट
गांव के लोग को आम झगड़े और जमीन विवाद के लिए कोर्टों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसीलिए गांव में ही कोर्ट लगाया। इसके तहत सबसे पहले जिले को रामपुर प्रखंड को प्रयोग को तौर पर आजमाया गया। इसमें कई मामले ऑन स्पॉट निपटाये गये। अबतक 150 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इस जिले के लोगों का कहना है कि इस डीएम ने बहुत कार्य किया और अभी इनके जिम्मे बहुत काम बाकी है। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ढेर सारे विकास के कार्य होंगे।
आगे तस्वीरों में देखिए ग्रीन सिटी का हाल...