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डाउनलोड करेंपटना. पीएमसीएच के नेफ्रोलॉजी विभाग में 24 घंटे डायलिसिस की सुविधा बहाल होगी। यह सुविधा एक महीने के अंदर मिलने लगेगी। विभाग में प्रोफेसर की कमी थी। उसकी भरपाई कर ली गई है। सीधे प्रोफेसर के पद पर डॉ. हेमंत कुमार की नियुक्ति हुई है। डॉ. कुमार ने गुरुवार को विभाग में राउंड दिया।
डॉ. हेमंत कुमार इससे पहले आईजीआईएमएस में थे और करीब नौ साल पहले वहां से रिजाइन कर दिए था। डॉ. कुमार विभाग के हेड होंगे। अधीक्षक डॉ. अमरकांत झा अमर और डॉ. कुमार ने कहा कि डायलिसिस की सुविधा मरीजों को 24 घंटे मिले इसके लिए एक प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा। इससे मरीजों को सहूलियत होगी। गरीब मरीजों को डायलिसिस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं डॉ. झा ने कहा कि नई डायलिसिस मशीन भी मंगाई जाएगी।
किडनी ट्रांसप्लांट करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई है। इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया शुरू हुई है। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आधुनिक ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था की जाएगी। डॉ. झा ने दावा किया एक महीने के अंदर 24 घंटे डायलिसिस की सुविधा बहाल कर दी जाएगी।
बांझपन का भी इलाज
पीएमसीएच में बांझपन का भी इलाज होगा। यहां अलग इनफर्टीलिटी विभाग खुलेगा। भवन की व्यवस्था हो गई है। उपकरण के लिए विभाग को लिखा गया है। विशेषज्ञ डॉक्टर हैं।अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. विमल कारक और स्त्री रोग और प्रसूति विभाग की अध्यक्ष डॉ.सुषमा पांडेय ने बताया कि प्राइवेट में इनफर्टीलिटी का इलाज कराने पर बहुत खर्च होता है।
विभाग में उपकरण आते ही जांच और इलाज की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल इनफर्टीलिटी स्पेशलिस्ट क्लीनिक की शुरुआत कर दी गई है। इसके अलावा महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग, मैनोपॉज, एडोलसेंट और हाई रिस्क प्रेगनेंसी के लिए स्पेशलिस्ट क्लीनिक भी चल रही है।
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