पटना। विधान सभा में विपक्ष के नेता नन्दकिशोर यादव ने कहा कि योजना आयोग को नया रूप देने, उसे कारगर बनाने की कोशिशों के खिलाफ विकास विरोधी दलों की अड़ंगेबाजी ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी चाहते हैं कि सभी राज्यों का विकास हो, ताकि गांव-गांव, शहर-शहर की तरक्की हो।
लेकिन, जदयू जैसे कुछ दल योजना आयोग के स्वरूप में बदलाव का विरोध कर रहे हैं। ये दल समझ नहीं पा रहे हैं कि इस बदलाव से आयोग के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी। राज्यों का रूतवा बढ़ेगा, वो और सशक्त तरीके से अपनी मांग रख सकेंगे।
पीएम ने योजना आयोग के प्रस्तावित नये स्वरूप का जो खाका सुझाया है, उसमें तीन स्तरीय टीमें होंगी। पीएम-सीएम, केन्द्रीय मंत्रिपरिषद्, केन्द्र और राज्य की नौकरशाही सभी टीम में शामिल होंगे।
नई प्रस्तावित संस्था में राज्यों का रूतवा भी बढ़ना तय है। क्योंकि राज्यों से स्थायी सदस्य टीम में शामिल किये जाने का प्रस्ताव भी है। अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग सदस्यों के टीम में होने से नई संस्था के फैसलों में तेजी आयेगी। यूपीए सरकार के दौरान योजना आयोग के समक्ष इतने मामले लंबित थें, फैसले लेने में इतनी देर होती थी कि देश का विकास ठप पड़ गया था।
नरेन्द्र मोदी सरकार इस हालात को बदलना चाहती है। लोकतंत्र में सबको अपनी राय, अपना पक्ष रखने की पूरी आजादी है। एक सार्थक बहस हो, एक बेहतर नतीजा निकले, लेकिन सिर्फ विरोध के लिए एक अच्छी कोशिश का विरोध उचित नहीं है।