पटना. शिशु विभाग में पैसे के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं बदलने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि इसी तरह की एक और घटना सामने आ गई। शनिवार को एक हीमोफीलिया मरीज दवा लेने के लिए शिशु विभाग में गया। मरीज के परिजन का आरोप है कि अस्पताल के एक कर्मचारी ने दवा के लिए उससे 200 रुपए की मांग की। पैसे नहीं देने की बात कहने पर कर्मचारी ने परिजन का हाथ भी पकड़ लिया।
इस घटना से नाराज होकर मरीज के परिजन ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से की है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने दवा मरीज को उपलब्ध करा दी है। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुधांशु सिंह ने कहा कि मरीज के परिजन ने शिकायत की है। आरोपी कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। जानकारी शिशु विभाग के अध्यक्ष डॉ. निगम प्रकाश नारायण को भी दी गई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि कर्मचारी से जवाब मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। आरोप तो कोई भी किसी पर लगा सकता है पर उसमें सच्चाई कितनी है इसकी जांच होनी चाहिए। वैसे हीमोफीलिया मरीजों को दवा मुफ्त में मिलती है। हीमोफीलिया सोसाइटी, बिहार चैप्टर के सचिव कुमार शैलेंद्र के मुताबिक हीमोफीलिया सोसायटी से रजिस्टर्ड मरीजों की संख्या करीब 900 है, जबकि अनुमानित मरीजों की संख्या इससे कहीं अधिक है।
कई लोग सोसायटी का मेंबर भी बने हैं। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया पीड़ित को मुफ्त में फैक्टर उपलब्ध कराया जाता है। फैक्टर पटना में पीएमसीएच और मुजफ्फरपुर में एसकेएमसीएच में व्यवस्था है। फैक्टर की कीमत 3000 रुपए है। जरूरत के अनुसार मरीज को फैक्टर की आवश्यकता होती है।
ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए पैसे मामले में जांच पूरी
पीएमसीएच के शिशु विभाग में पैसे नहीं देने पर ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं बदलने की जांच अस्पताल प्रशासन की तीन सदस्यीय कमेटी ने पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग को सोमवार को सौंप दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग जो निर्णय लेगा, उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी। अस्पताल प्रशासन की जांच टीम ने भी आरोपी कर्मचारी को दोषी पाया है। स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने भी इस मामले की जांच की है। पर जांच रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया है। वैसे शिशु विभाग के हेड डॉ. निगम प्रकाश नारायण ने भी अस्पताल प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। बुधवार को आलमगंज के सेप्टीसिमिया से पीड़ित साढ़े सात साल के रोशन कुमार की मौत हो गई थी। इपरिजनों ने आरोप लगाया था कि ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए वार्ड अटेंडेंट सुभाष प्रसाद ने पैसे की मांग की थी।
पीएमसीएच जाकर पुलिस ने की पूछताछ
आलमगंज के रोशन की मौत के मामले में पीरबहोर पुलिस ने फिर पूछताछ की। आरोपी वार्ड अटेंडेंट सुभाष प्रसाद को जेल भेजा जा चुका है। पीएमसीएच के कर्मचारियों से पूछताछ कर पुलिस ने कुछ और सुराग हासिल किए हैं। इन साक्ष्यों को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। परिजनों ने कहा है कि उनसे पैसे मांगे गए थे और पैसे नहीं देने पर उनके बच्चे की मौत हुई। पीरबहोर पुलिस सहित एसएसपी की विशेष टीम ने इस घटना से पहले कई बार दलालों को पकड़ा है। आरोपी सुभाष को सस्पेंड कर दिया गया है। पीएमसीएच उपाधीक्षक डॉ सुधांशु सिंह कार्रवाई के बारे में कोर्ट को अवगत करा चुके हैं।