पटना/सहरसा. प्रदेश के कुख्यात अपराधी पप्पू देव को पुलिस ने नेपाल के पलवा से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ की टीम पप्पू को गिरफ्तार करने के बाद पटना ले आई। एसटीएफ की पूछताछ के बाद सहरसा पुलिस उसे लेकर गुरूवार को सहरसा पहूंची। पप्पू देव के सहरसा पहुंचने की सूचना मिलने के साथ ही बड़ी संख्या में उसके समर्थकों ने सहरसा नगर थाना को घेर लिया। पप्पू देव पर सहरसा में करीब 28 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। जबिक पूरे प्रदेश में 150 से ज्यादा रंगदारी, अपहरण और हत्या के मामले दर्ज हैं। पुलिस पप्पू देव से पूछताछ कर रही है।
बताते चलें कि मुजफ्फरपुर के सब रजिस्ट्रार सूर्यदेव नारायण सिंह का अपहरण, पारू व कटरा के सब रजिस्ट्रार की हत्या 2001 में वैशाली के भगवानपुर थाना क्षेत्र में कर दी गई थी। इस मामले में कांड संख्या 91/2001 के तहत मुख्य अभियुक्त के रूप में पप्पू देव का नाम आया था।
रजिस्ट्रार अपहरण कांड के बाद चर्चा में आये पप्पू देव लगातार अपराध जगत में अपना पांव फैलाता गया। कई बार पप्पू देव व पूर्व सांसद आनंद मोहन के समर्थकों के बीच सहरसा में गोलीबारी की बात भी सामने आयी थी। पूर्व सांसद पप्पू यादव से भी पप्पू देव का छत्तीस का रिश्ता था।
नेपाल के
विराट नगर के बड़े व्यवसायी तुलसी अग्रवाल का अपहरण किया गया था, जिसमें मोटी रकम फिरौती के रूप में लेने के बाद उसे मुक्त किये जाने का मामला भी सुर्खियों में रहा। एक तरह से उत्तर बिहार व नेपाल तक अपराध जगत में पप्पू देव का साम्राज्य समझा जाता था। 2003 में पप्पू देव 50 लाख से अधिक जाली नोट के साथ नेपाल में गिरफ्तार हुआ था।
इस मामले में सजा काटने के बाद बीते छह जनवरी को उसे नेपाल जेल से रिहा कर दिया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूपी व नेपाल के सोनौली (गोरखपुर) बोर्डर के समीप पप्पू देव ने पुलिसिया दबाव के कारण मंगलवार की देर शाम आत्म समर्पण कर दिया। हालांकि चर्चा यह भी है कि नेपाल पुलिस के सहयोग से पप्पू देव को पटना एसटीएफ की टीम ने सोनौली बोर्डर पर गिरफ्तार किया।
बिहार से नेपाल तक के लिए आतंक बना पप्पू देव को जैसे ही सोमवार को जेल से रिहा किये जाने की बात सामने आई, वैसे ही व्यवसायियों में खलबली मच गई। बीरगंज के सबसे बड़े व्यवसायी तुलसी अग्रवाल का अपहरण कर दो देशों के बीच चर्चा में आये पप्पू देव का आतंक आज भी है। वर्ष 2003 में पप्पू देव नेपाल में भारी मात्र में जाली नोट के साथ गिरफ्तार हुआ था।
पप्पू पर दर्जनों मामले
वैशाली से लेकर कोसी तक पप्पू देव पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद सरकार व पुलिस विभाग ने उसे नेपाल से लाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। मुजफ्फरपुर के सब रजिस्ट्रार सूर्य नारायण सिंह व निरीक्षक को मुजफ्फरपुर से पटना जाने के क्रम में वैशाली के भगवानपुर थाना क्षेत्र से अपहरण कर लिया था। इस बीच पारू व कटरा के अवर निबंधक की हत्या भी की गई थी। कोसी क्षेत्र में पप्पू देव का आतंक था।
मुजफ्फरपुर से गहरा संबंध
मुजफ्फरपुर से भी पप्पू का गहरा संबंध रहा है। चर्चा तो यह भी है नेपाल जेल जाने के बाद उसके कई हथियार व पैसे भी उसके सागिर्द ने ही रख लिया था। अब उन्हें भी भय सताने लगा, कहीं उससे भी इसका बदला न लिया जाये। पप्पू देव से कई बड़ी हस्तियों से संबंध रहे हैं। विगत वर्ष पप्पू देव के साथ जाली नोट के कारोबार शामिल रहने के आरोप में एक विधायक को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में जमानत पर वे बाहर आये।