पटना। प्रदेश में कुर्सी के लिए कोहराम मचा हुआ है। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आमने सामने हैं। दोनों कुर्सी के लिए अपने अपने आंकड़े पेश कर रहे हैं। लेकिन अभी तमाम कोशिशों के बावजूद जीतन राम मांझी अपने बहुमत के जादुई आंकड़ों के पास पहुंचते नजर नहीं आ रहे हैं। बिहार विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या के मद्देनजर बहुमत के लिए कम से कम 117 विधायक चाहिए।
मांझी को भाजपा से समर्थन की उम्मीद है। वो अगर मांझी को मिल जाता है तो भी वह 117 का मैजिकल फिगर तक नहीं पहुंचते दिख रहे हैं।
आगे पढ़िए कैसे मांझी बहुमत के आंकड़े से दूर हैं...
बिहार विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 243 है , लेकिन जदयू के आठ विधायकों की
सदस्यता को विधानसभा अध्यक्ष ने खत्म कर रखा है।
वहीं, भाजपा के एक विधायक का निधन हो गया है। इसके अलावा कोर्ट एक निर्दलीय विधायक सोमप्रकाश की विधायिकी को खत्म कर चुका है। ऐसे में मौजूदा विधायकों की कुल तादाद 233 है।
मांझी कैंप
मांझी कैंप में जदयू के कुल विधायक: 13
मांझी कैंप में राजद के कुल विधायक: 1
मांझी कैंप में निर्दलीय विधायक: 3
यानि भाजपा को छोड़ दें तो मांझी के पास फिलहाल कुल 17 विधायकों का समर्थन है। अगर इसमें भाजपा के 87 और भाजपा खेमे के निर्दलीय दिलीप वर्मा को भी जोड़ दें तो तादाद होती है 105 यह संख्या 117 की जादुई संख्या से 12 कम है। जाहिर है मांझी बहुमत के आंकड़े से दूर खड़े नजर आ रहे हैं।
आगे पढ़िए नीतीश के पक्ष में विधायक....