पटना. बाेरिंग कैनाल रोड के श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास इस बार जोधपुर के जसवंत थाडा किले के आकार का पंडाल बनेगा। दुर्गापूजा समिति व्यवसाय संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पंडाल में बंगाली पद्धति द्वारा मां का शृंगार किया जाएगा। एक तरफ गणेश व लक्ष्मी तथा दूसरी तरफ सरस्वती व कार्तिक विराजमान होंगे। पंडाल के निर्माण में डेढ़ लाख रुपए खर्च होंगे। यह 60 फीट लंबा और 35 फीट चौड़ा एवं 70 फीट ऊंचा पंडाल होगा।
झारखंड से आए हैं कलाकार
बुद्धा कॉलोनी चौक से पटना टेंट हाउस तक दोनों तरफ रंगीन बल्ब एवं एलईडी लाइट के साथ रोलेक्स से सजाया जाएगा। झारखंड के मधुपुर से आए कारीगर महेंद्र कुमार एवं आजाद ने बताया कि पंडाल को सजाने के लिए विशेष रूप से सफेद कपड़ा, थर्मोकोल और प्लाई बोर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह श्रद्धालुओं को दूर से ही चमकता हुआ दिखाई देगा। प्रतिमा निर्माता रविशंकर पंडित ने कहा कि मां की मूर्ति बंगाली पद्धति पर बनी रहेगी।
1994 से यहां हो रहा है भव्य पूजा का आयोजन
श्रद्धालुओं के लिए 25 वॉलेंटियर तैनात किए जाएंगे। 24 घंटे प्रसाद वितरण तथा श्रद्धालुओं के लिए कुर्सी और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। यहां 1994 से भव्य पूजा का आयोजन हो रहा है। हर साल नए थीम पर पंडाल का निर्माण किया जाता है। श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर दुर्गापूजा समिति व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष कुमार राकेश रंजन, सचिव अशोक कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष बिरजू प्रसाद, व्यवस्थापक संतोष जायसवाल, श्रीकांत प्रसाद, अशोक बाबा, शेखर कुमार आदि हैं।
जसवंत थाडा में क्या खास
जसवंत थाडा जोधपुर के मेहरानगढ़ किला परिसर की बाईं ओर स्थित है। यहां महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय (जोधपुर के तैतीसवें राठौर शासक) का संगमरमर से बना सुंदर स्मारक है। इसे उनके बेटे महाराजा सरदार सिंह ने 19वीं सदी में बनाया था। यह संगमरमर के जटिल नक्काशों के कारण मारवाड़ के ताजमहल के रूप जाना जाता है। मुख्य स्मारक एक मंदिर के आकार में बनाया गया था।
(जोधपुर के जसवंत थाडा की तस्वीर)