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योजना राशि खर्च की धीमी रफ्तार, दो विभागों का खाता भी नहीं खुला

7 वर्ष पहले
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पटना. योजना राशि खर्च करने में विभागों की सुस्त चाल ने दिसंबर तक 90 प्रतिशत राशि खर्च करने पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 9 सितंबर तक विभागों ने 35 प्रतिशत राशि ही खर्च की है। दो विभागों में अभी तक खर्च का खाता भी नहीं खुला है। चार विभागों में एक प्रतिशत से कम राशि खर्च हुई है।
खान व भूतत्व एवं वाणिज्य कर विभाग में खर्च शून्य है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, एससी-एसटी कल्याण, गन्ना उद्योग व कैबिनेट विभाग में एक प्रतिशत से भी कम राशि खर्च हुई है। 40 हजार करोड़ के योजना बजट में करीब 14 हजार करोड़ की राशि खर्च हुई है। योजना राशि खर्च नहीं होने का सीधा असर विकास कार्य पर पड़ता है। सरकार ने विभागों को निर्देश दिया है कि दिसंबर तक 90 प्रतिशत योजना राशि खर्च कर लें।
वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में योजना राशि खर्च नहीं होती है। अंतिम दो-तीन महीनों में खर्च अधिक होती है। योजना राशि लैप्स न हो, इसके लिए सरकार ने शुरू से ही खर्च में तेजी लाने का निर्देश दिया है।