पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंपटना. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार बदलाव के लिए तैयार है। बिहार में राजद के पक्ष में लहर है। ऐसे में सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष धारा के लोगों को गांव से प्रदेश स्तर तक एकजुट होना होगा। इस दिशा में काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि लालू जी दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं। गठबंधन करीब तय है, पर भ्रम पैदा किया जा रहा है कि गठबंधन हुआ तो राजद के कुछ नेता अपनी सीट गंवा सकते हैं। इस आशंका के कारण कुछ नेताओं में नाराजगी है। इसमें वरीय नेता अब्दुल बारी सिद्धिकी का भी नाम आ रहा है। कार्यकर्ताओं को इस भ्रम से सावधान रहने की जरूरत है। वे राजद कार्यालय परिसर में शुक्रवार को कर्पूरी ठाकुर की जयंती का उद्घाटन करने के बाद बोल रही थीं। अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे ने की। स्वागत भाषण प्रधान महासचिव रामकृपाल यादव और संचालन आजाद गांधी ने किया।
राजद ही सच्ची विरासत
डॉ. पूर्वे ने कहा की राजद ही जननायक की सच्ची विरासत है। सांसद रामकृपाल यादव ने कहा की जिस तरह लालू प्रसाद ने लालकृष्ण आडवाणी के रथ को रोका था उसी तरह वे मोदी रूपी सांप्रदायिक घोड़े को भी रोकेंगे।
इस मौके पर बिहार बार काउंसिल के सदस्य शशि किशोर शेखर, युवा शक्ति के कुणाल यादव, भाजपा के ललन पासवान, संजय पासवान और विष्णु अग्रवाल कई साथियों के साथ राबड़ी देवी के समक्ष राजद में शामिल हुए। समारोह में रामदेव भंडारी, राजनीति प्रसाद, आलोक मेहता, इलियास हुसैन, विद्या सागर निषाद, मुंद्रिका यादव, रणधीर यादव, रणविजय साहू आदि भी थे।
आरएसएस गांव-गांव फैला रहा भ्रम : तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि आरएसएस के एजेंट गांव-गांव यह भ्रम फैला रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को वोट दीजिए। विधानसभा चुनाव में जिनको कहेंगे समर्थन कर दिया जाएगा। युवा साथी इस तरह के भ्रम से बचें और कार्यकर्ताओं को आगाह करें। स्थिति यह हो गई है कि जेपी को गाली देने भी अब उनका गुणगान कर रहे हैं। कर्पूरी ठाकुर हमारे पुरखे रहे हैं। युवा राजद उनके आदर्शों पर चलेगा। अपने पुरखों से अवगत कराने तथा युवा राजद को नया लुक देने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह में राजगीर में प्रशिक्षण शिविर सह कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
कर्पूरी को जाति में बांधना बेईमानी : पासवान
पटनात्नलोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर त्याग और तपस्या के प्रतिमूर्ति थे। वे समाजवादी आंदोलन के प्रतीक के रूप में युग युगांतर तक जाने जाएंगे। उन्हें जातीय बंधन में बांधना राजनीतिक बेईमानी होगी। आज जो लोग कर्पूरी जी को पिछड़ा-अति पिछड़ा के बंधन में बांध रहे हैं, वे न सिर्फ कर्पूरी जी के प्रति अन्याय कर रहे हैं, बल्कि राजनीति लाभ का मकडज़ाल बुन रहे हैं।
श्री पासवान शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित कर्पूरी जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा कि कुछ पार्टी और उसके नेता जननायक कर्पूरी ठाकुर की तुलना नरेंद्र मोदी से कर रहे हैं, जो हास्यास्पद है। समारोह की अध्यक्षता राजेंद्र विश्वकर्मा तथा संचालन उपाध्यक्ष शैलेंद्र कौशिक ने किया। मौके पर चिराग पासवान, ललन कुमार चंद्रवंशी, विष्णु पासवान, दीनानाथ क्रांति, ललन सिंह, महताब आलम, उपेंद्र यादव, रंजीत कुमार, अशरफ अंसारी आदि मौजूद थे।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.