पटना. पटना-दीघा पैसेंजर ट्रेन के लिए 100 रुपए के टिकट बेचने पर रेलवे 500 रुपए का कमीशन बांट देता है। बिना जरूरत शहर के बीच से चलाई जा रही इस ट्रेन की वजह से लगने वाले जाम से रोजाना लोग हलकान हो रहे हैं सो अलग। रेल प्रशासन है कि जानते-बूझते इस दिशा में कारगर कदम उठाने को तैयार नहीं है।
पटना जंक्शन से दीघा के बीच स्थित छह हाल्ट पर वेंडरों द्वारा एक महीने में 20 से 40 टिकट के बीच टिकट खरीदा जाता है। एक टिकट का दाम पांच रुपए हैं । इस लिहाज से पूरे माह के टिकट बेचने पर रेलवे को प्रति हाल्ट 100 से 200 रुपए की आय होती है जबकि 500 रुपए रेलवे को प्रत्येक वेंडर को न्यूनतम कमीशन के रूप में देना पड़ रहा है।
मैंटेनेंस के लिए सेवा बंद मार्च में होगी चालू सोमवार से पटना जंक्शन के प्लेटफार्म
नंबर-1 पर एपरॉन कार्य होने के कारण पटना दीघा-ट्रेन सेवा अस्थाई रूप से रद्द कर दी गई। रेल प्रशासन के अनुसार एपरॉन कार्य पूरा होने के बाद 12 मार्च से इसे फिर चालू कर दिया जाएगा। बार-बार सुझाव देने के बावजूद भी बंद नहीं की जा रही ट्रेन दानापुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम एके रजक ने बताया कि घाटे के कारण इस ब्रांच लाइन पर ट्रेन का परिचालन रोकने की कई बार सिफारिश की गई। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया
जा रहा है।
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