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डाउनलोड करेंपटना. भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि बिहार पर जातिवादी राजनीति का कलंक कोई नहीं लगा सकता है। कर्पूरी ठाकुर का मुख्यमंत्री बनना इसका प्रमाण है। बिहार में ऐसे ही लोगों की इज्जत होती रही है, जिसने त्याग और बलिदान किया है। लेकिन, इसके गौरवशाली परंपरा को कलंकित करने का प्रयास जान-बूझकर किया जा रहा है। देश में बिहार के लालों ने परिवर्तन की लहर चलाई।
कर्पूरी जयंती में भाग लेने पटना आए राजनाथ ने आम आदमी पार्टी की मौजूदा राजनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आजकल सादगी और सरलता की भी ब्रांडिंग की जा रही है। लोग इसे आधार बनाकर वोट तक मांग रहे हैं। कर्पूरी ठाकुर ने कभी सादगी और सरलता पर वोट नहीं मांगा।
उन्होंने राहुल गांधी पर इशारों में ही निशाना साधा और कहा कि बड़े खानदान में पैदा होने से कोई महान नहीं होता। गरीब मां की कोख से पैदा व्यक्ति भी महान बन सकता है। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर देश में आर्थिक विषमता बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि वह चाहती है कि गरीबी और बेरोजगारी बनी रहे, ताकि चुनाव के समय आर्थिक लाभ की योजना बनाकर वह वोट ले सके।
विधानसभा में विपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि आज लोग पिछड़ों का वोट तो चाहते हैं, लेकिन पिछड़े के बेटे को प्रधानमंत्री बनते नहीं देख सकते। जदयू और राजद को कर्पूरी जयंती मनाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद चंद्रवंशी ने की। मौके पर संगठन मंत्री नागेंद्रजी, शाहनवाज हुसैन, डॉ. सीपी ठाकुर, राधामोहन सिंह, गोपाल नारायण सिंह, अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह, प्रेम कुमार, पुतुल कुमारी, संजय पासवान, नित्यानंद राय, आरके सिंह, संजय मयूख आदि मौजूद थे।
17 साल साथ रहे नीतीश, अब मोदी से नफरत क्यों
राज्यसभा में पार्टी के उपनेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पिछड़ों को सम्मान भाजपा ने ही दिया। पिछड़ी जाति के कल्याण सिंह, शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती आदि को मुख्यमंत्री बनाया। 17 साल तक हमारे साथ रहे नीतीश कुमार को अब नरेंद्र मोदी से नफरत क्यों है? रेलमंत्री रहते तो नीतीश कुमार को नमो अच्छे लगते हैं। राजीव प्रताप रूडी ने नीतीश कुमार पर कांग्रेस की गोद में बैठकर खेलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें बिहारियों की कोई चिंता नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि नरेंद्र मोदी और कर्पूरी ठाकुर में कई समानताएं हैं। दोनों ही गरीब और पिछड़े हैं।
मोदी की मांग, कर्पूरी को मिले भारत रत्न
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में आरक्षण कर्पूरीजी के समय ही मिला। उस सरकार मेेंं कैलाशपति मिश्र वित्त मंत्री थे। इसमें उनकी बेहद अहम भूमिका थी। कर्पूरीजी ताउम्र कांग्रेस के खिलाफ लड़ते रहे। पहली बार उन्होंने ही गैर कांग्रेसी सरकार बनाई। लेकिन, उनके शिष्य बड़े और छोटे भाई (लालू प्रसाद-नीतीश कुमार) कांग्रेस से समझौता के लिए बेताब हैं।
कर्पूरी पर क्या-क्या बोले
राजनाथ सिंह : मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनके पिता नाई का काम करते थे। वे भारत रत्न से भी ऊपर देश के अनमोल रत्न हैं।
रविशंकर प्रसाद : मुख्यमंत्री रहते फटा कपड़ा भी पहन लेते थे कर्पूरीजी।
मंगल पांडेय : गैर कांग्रेसवाद के रूप में राजनीति को नई दिशा दी।
नंदकिशोर यादव : कर्पूरीजी चाहते थे कि पिछड़े को बेटा देश का पीएम बने।
राजीव प्रताप रूडी : सत्ता के शीर्ष पर रहते हुए भी वे विनम्र बने रहे।
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