पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Ready Bridge, Road, Waiting For The Ground

पुल तैयार, रोड के लिए जमीन का इंतजार

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पटना. कैसे चालू होगा दीघा सड़क पुल। छपरा जिले में पुल के एप्रोच रोड के लिए अब तक एक धूर जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। केन्द्रीय एजेंसी एनएचएआई सड़क बनाने की खातिर आवश्यक 34 हेक्टेयर जमीन के लिए सूबे की पथ निर्माण विभाग से लगातार आग्रह कर रहा है। सारण जिले के भू-अर्जन अधिकारी के यहां एनएचएआई 11 करोड़ रुपए भी जमा कर चुका है, पर अब तक जमीन नहीं मिली। दीघा पुल के निर्माण की रफ्तार को देखते हुए एनएचएआई ने सड़क बनाने के लिए निर्माण एजेंसी (एमबीएल) का चयन कर लिया है, पर जमीन ही नहीं है तो सड़क बने कैसे।

अब एनएचएआई ने विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। उसने रेलवे से प्रस्तावित रेल लाइन के समानांतर दो लेन सड़क बनाने के लिए जमीन मांगी है। उधर, दीघा रेल सह सड़क पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है। पटना की तरफ 11.9 किलोमीटर लंबाई वाले एप्रोच रोड (दीघा-पटना एम्स एलिवेटेड कॉरीडोर) का निर्माण भी शुरू है। छपरा एप्रोच रोड नहीं बनेगा तो अरबों की लागत से बन रहे इस पुल से रेल गुजरेगी पर गाडिय़ां नहीं दौड़ पाएंगी।

पुल बनने से होने वाले फायदे

राजधानी पटना से छपरा, सीवान, गोपालगंज, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चंपारण जिले का सीधा रेल और सड़क संपर्क
लोगों को महात्मा गांधी सेतु पर रोज-रोज जाम से होने वाली फजीहत से मुक्ति
पटना नहर के पश्चिम बसी करीब 5 लाख की आबादी को भारी राहत
दक्षिण बिहार (बिहटा-नौबतपुर) की तरह से उत्तर बिहार (सोनपुर-हाजीपुर-छपरा) जाना और आना आसान
पटना एम्स, आईजीआईएमएस समेत बड़े चिकित्सीय संस्थान और पाटलिपुत्र एवं दानापुर स्टेशन जाने की सुविधा
पटना-छपरा की दूरी 20 किमी. कम हो जाएगी

पथ निर्माण विभाग को जमीन देने के लिए आग्रह किया जा चुका है। पर अब तक एनएचएआई को जमीन नहीं मिली है। विकल्प के तौर पर रेलवे से जमीन के इंतजाम का प्रयास किया जा रहा है।

बीबी सिंह, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी
जमीन की कीमत बढऩे के कारण थोड़ी समस्या है। पर काम काफी आगे बढ़ चुका है। जमीन का व्यवस्था शीघ्र करने की कार्रवाई जारी है। Ó
डीएन प्रसाद, मुख्य अभियंता एनएच प्रभाग, पथ निर्माण विभाग
पटना एप्रोच रोड की स्थिति
निर्माण शुरू है। पटना एम्स से पटना नहर के मुहाने तक तक दो किलोमीटर यह सेमी एलिवेटेड यानी टू-लेन बन रहा है। जबकि नहर से दीघा पुल तक 9.80 किलोमीटर सड़क एलिवेटेड और फोर-लेन है। दीघा पुल से पाटलिपुत्र स्टेशन, बेली रोड पार करते हुए पटना नहर के ऊपर-ऊपर पटना-दिल्ली रेलवे लाइन के ऊपर से एम्स तक यह कॉरिडोर बन रहा है। इस फोरलेन एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के समानांतर पटना नहर के पश्चिम की तरफ दो लेन अतिरिक्तरोड का निर्माण भी होना है।
आंकड़ों में दीघा पुल
कुल लंबाई
4.56 किमी.
चौड़ाई (तीन लेन) 8.075 मीटर
रेल ट्रैक डबल लाइन
कुल लागत
2921 करोड़
केन्द्र का हिस्सा 1681 करोड़
राज्य की हिस्सेदारी 1240 करोड़
कुल स्पैन 36
अब तक बने 25
यहां-यहां जमीन की जरूरत

गंगाजल ९.७१
चौसिया ९.४१
सुलतानपुर १.४८
खरीका ३.५०
गोवन्दचक ७.८४
भरनपुरा १.८६
दीघा पुल की
मौजूदा स्थिति
दीघा रेल सह सड़क पुल का निर्माण जारी है। दो मंजिले (डबल डेकर) महासेतु के ऊपरी तल्ले से गाडिय़ां और नीचे से ट्रेन गुजरेगी। पटना साइट में भुसौला रोड (एनएच-98) में सेतु का रोड जुड़ेगा। पहलेजा साइड में सोनपुर-छपरा रोड (एनएच-18) में सेतु का रोड जुडऩा है।