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डाउनलोड करेंपटना। लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, लोक जनशक्ति पार्टी और कांग्रेस के होने वाले संभावित गठबंधन की कवायदों के बीच सीट छोड़े जाने की आशंका से राजद के कुछ नेता आहत हैं। अररिया और जमुई लोकसभा सीट राजद और लोजपा के बीच नाराजगी का कारण बनी हुई है। अररिया सीट राजद को चाहिए तो जमुई सीट लोजपा को। गठबंधन के तौर पर पिछले लोकसभा चुनाव में अररिया से लोजपा और जमुई घ्सुघ् से राजद के प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। वर्ष 2014 के चुनाव में लोजपा को अररिया के साथ ही जमुई की सीट भी चाहिए।
लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान जमुई से अपने पुत्र और पार्टी संसदीय बोर्ड के नेता चिराग पासवान को चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं। वहीं अररिया सीट से लोजपा के जाकिर हुसैन खान चुनाव मैदान में आने की कवायद में लगे हैं। श्री जाकिर पिछले चुनाव में इसी सीट से मैदान में थे जबकि सीमांचल के बड़े नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मो.तस्लीमउद्दीन को राजद अररिया से चुनाव मैदान में उतारना चाहता है।
राजद विधायक दल के नेता अब्दुलबारी सिद्दिकी ने मधुबनी लोकसभा सीट से चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर की है जबकि इस सीट पर कांग्रेस के महासचिव और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. शकील अहमद ने दावा किया है। इस सीट को कांग्रेस के लिए छोड़े जाने से श्री सिद्दिकी नाराज बताये जा रहे है। वहीं राजद के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री रामचंद्र पूर्वे भी मुजफ्फरपुर सीट कांग्रेस की विनिता विजय के लिए छोडऩे और राजद के मुख्य सचेतक सम्राट चौधरी खगडिय़ा सीट लोजपा के लिए छोड़े जाने के विचार से नाराज हैं। इसी तरह राजद के कई अन्य नेता गठबंधन में अपनी सीट लोजपा और कांग्रेस के लिए छोड़े जाने से खासा नाराज चल रहे हैं। इन नेताओं की नाराजगी इतनी बढ़ गयी है कि वे किसी भी समय पाला बदलने तक के लिए तैयार हैं।
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