पटना. राजद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि राज्य के 85 फीसदी डॉक्टर नरपिशाच और जल्लाद हैं। डाक्टरों की बात करने वाले अाईएमए और भासा को आम जनता से कोई मतलब नहीं है। राज्य की नौकरशाही में भ्रष्टाचार चरम पर है। राजनीति करने वालों ने राजनीति को वेश्या से बदतर बना दिया है।
रविवार को पप्पू यादव संवाददाताओं से मुखातिब थे। पटना स्थित मंदिरी के अपने निजी आवास पर उन्होंने राज्य के डॉक्टरों, नौकरशाहों और राजनीतिज्ञों पर जमकर भड़ास निकाली। कहा- नीतीश कुमार के हटने के बाद अधिकारियों पर सरकार का अंकुश नहीं रहा। मांझी भले आदमी हैं, उनकी नहीं सुनी जा रही।
मैं गीदड़भभकी से डरनेवाला नहीं
उन्होंने कहा कि नर्सिंग होम मरीजों का खून चूस रहे हैं। सदर अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को पीएमसीएच, आईजीआईएमएस या एम्स में रेफर नहीं करते, नर्सिंग होम भेज देते हैं। सभी तरह की जांच प्राइवेट कराते हैं। उन्होंने भासा के डॉ. अजय से पूछा कि अगर डॉक्टरी की पढ़ाई में ज्यादा खर्च है, तो क्या उन्हें मरीजों को लूटने की आजादी है? कहा- मैं गीदड़भभकी से डरने वाला नहीं हूं। डॉक्टरों के रवैए पर खगड़िया से रायशुमारी शुरू की जा चुकी है।
13 अक्टूबर को सहरसा और दिसंबर में पटना में जन अदालत लगाएंगे। डॉक्टरों से रंगदारी मांगने के आरोप पर कहा कि 9000 बीघा जमीन वाले पप्पू यादव को कुछ देने की औकात देश में किसी की नहीं है। मैं नीम और करेला हूं। गोरी चमड़ी और लाल पानी वाले हम पर क्या आरोप लगाएंगे।