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डाउनलोड करेंपटना. राजद ने राज्यसभा चुनाव में बिहार में होने वाले नुकसान की भरपाई झारखंड से कर ली। राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता के झारखंड से राज्यसभा के लिए चुना जाना लगभग तय है। अभी वे बिहार से राज्यसभा सांसद हैं।
झारखंड में राजद के पांच विधायक हैं। पार्टी अपने बूते गुप्ता को राज्यसभा नहीं भेज सकती थी। ऐसे में राजद ने सोमवार को हेमंत सरकार से समर्थन वापसी की धमकी दी थी। असर भी दिखा। कांग्रेस ने आलमगीर आलम और झामुमो ने दिवंगत सुधीर महतो की पत्नी सविता को चुनाव में नहीं उतारा।
रोते हुए गुरुजी के घर से गईं सविता उधर धमकी देकर...
प्रेमचंद गुप्ता ने अंतिम दिन झामुमो-कांग्रेस के समर्थन के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया। बदले में बिहार विप चुनाव में कांग्रेस लेगी मदद चर्चा है कि झारखंड में प्रत्याशी वापस लेने के बदले बिहार विधान परिषद के चुनाव में राजद कांग्रेस की मदद करेगा। चुनाव मार्च-अप्रैल में होने वाला है। कांग्रेस को एक सीट पर राजद समर्थन देगा। विधान परिषद में कांग्रेस की एक मात्र सदस्य ज्योति का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
माना जा रहा है 75 सदस्यीय बिहार विधान परिषद में कांग्रेस ने अपनी उपस्थिति बरकरार रखने की रणनीति के तहत झारखंड में राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने से मना किया। इससे राज्य में झामुमो, कांग्रेस और राजद का मिलकर लोकसभा चुनाव लडऩे का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। हालांकि सविता महतो को उम्मीदवार न बनाए जाने से झामुमो में बगावत हो गई। र्टी के तीन विधायकों मथुरा महतो, जगन्नाथ महतो और विद्युत वरण महतो ने पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
सोमवार को पार्टी की बैठक में इन तीनों ने ही सविता को प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव दिया था। उधर, भाजपा और आजसू समर्थित परिमल नथवाणी ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया। उनका भी राज्यसभा जाना लगभग निश्चित है। 31 जनवरी को इसकी घोषाणा हो जाएगी।राज्यसभा के चुनाव में राजद प्रत्याशी प्रेमचंद गुप्ता के चुने जाने का रास्ता साफ होने से झारखंड में यूपीए मजबूत होगा। लोकसभा के आसन्न चुनाव में सीटों के बंटवारे में कोई परेशानी नहीं होगी।
गिरिनाथ सिंह, अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश राजद
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