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डाउनलोड करेंपटना. टूटी सड़क की मरम्मत + घायलों की सेवा = रोड-एंबुलेंस। पथ निर्माण विभाग ने अपनी बहुप्रतीक्षित पेट्रोल मेंटेनेंस यूनिट (रोड एंबुलेंस) को जमीन पर उतार दिया है। सीएम ने नारियल फोड़कर इसकी शुरुआत की।
गुरुवार को पथ निर्माण सचिव प्रत्यय अमृत ने बिहार राज्य पथ विकास निगम के कार्यालय परिसर में इस हाईटेक सवारी (बंद ट्रक) का लोकार्पण किया। इसमें सड़क निर्माण संबंधी हर मशीन लगी हुई है। फरवरी के दूसरे हफ्ते से ये सड़क पर उतारी जाएंगी। पूरे राज्य में मार्च के अंत तक 76 रोड-एंबुलेंस काम करने लगेंगी। इनका काम गड्ढों को भी तुरंत ठीक करना है।
76 ठेकेदारों को जिम्मेवारी
पथ निर्माण विभाग ने 9064 किलोमीटर सड़कों को मेंटेन रखने के लिए 76 पैकेजों की मार्फत 76 ठेकेदारों को 5 से 7 साल तक के लिए जिम्मेवारी सौंपी है। हर ठेकेदार के पास एक रोड-एंबुलेंस रहेगी। एक एजेंसी को औसत 100 किमी सड़क को मेनटेन रखना है। पटना जिले में 5 व 37 जिलों में 2-2 रोड-एंबुलेंस काम करेंगी। 26 जनवरी को परेड में इसे लोगों के सामने लाया जाएगा।
देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था़
25.90 लाख रुपए खर्च हुए एक रोड एंबुलेंस पर
10 लाख की सहायता सरकार ने की है
हर रोड एंबुलेंस पर एक 'पथ मित्र' तैनात हैं
इस पेट्रोल मेंटेनेंस यूनिट का मूल काम टूटी सड़क की मरम्मत करना है, पर इसमें दो स्ट्रेचर भी लगे हैं। जिस इलाके में यह गाड़ी काम करती रहेगी, अगर उसके आसपास दुर्घटना होती है तो रोड-एंबुलेंस को पटना स्थित मॉनिटर कक्ष से घटनास्थल पर तुरंत भेज कर घायल को नजदीक के अस्पताल में पहुंचा देने की भी व्यवस्था है।
इसमें फस्र्ट एड के सामान भी हैं। प्रत्यय अमृत ने कहा कि देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था की गई है। एक रोड-एंबुलेंस पर 25.90 लाख रुपए खर्च हुए हैं। जिसमें 10 लाख की सहायता सरकार ने की है। जीपीएस सिस्टम के कारण गाड़ी कब, कहां, कितनी दूर है, इस पर सड़क विभाग के अधिकारियों की हर पल निगाह रहेगी।
रोड एंबुलेंस के अंदर
1. अलकतरा टैंक
2. बालू का टैंक
3. गिट्टी का टैंक
4. मिक्स करने वाली मशीन (पग मिल)
5. दो स्ट्रेचर
6. रोड सेफ्टी के सामान
7. प्लेट काम्पैक्टर
8. स्प्रेयर
9. ट्रॉली
10. सर्च लाइट आदि
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