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जितेंद्र ने दी थी वीरू बाबू की मौत की सूचना

7 वर्ष पहले
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पटना. बांकीपुर क्लब के बार में संदिग्ध परिस्थिति में दवा व्यवसायी वीरेश रंजन उर्फ वीरू बाबू की मौत के मामले में जांच के लिए बुधवार को टाउन एएसपी बलिराम चौधरी व गांधी मैदान थानेदार राजविंदु उनके घर पर पहुंचे। राजेन्द्रनगर रोड नंबर रोड 3 स्थित उनके आवास पर पुलिस अधिकारियों ने उनकी पत्नी मीना सिंह व पुत्री रोहिनी रंजन से पूछताछ की।

लगभग 30 मिनट के दौरान पुलिस ने इन लोगों से पूछा कि किसने सबसे पहले आप लोगों को उनके मौत की सूचना दी। उसपर मीना ने कहा कि सुबह पौने पांच बजे क्लब का स्टाफ जितेंद्र घर आया था। उसने कहा कि वीरू बाबू की मौत हो गई। मीना ने एएसपी को कहा कि जितेंद्र ने यह नहीं बताया कि उसे इसकी सूचना किसने दी। जितेंद्र लगातार मोबाइल पर बात कर रहा था। मीना ने यह भी बताया कि वे घर से ठीक-ठाक गए थे। कहीं न कहीं इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। मीना व रोहिनी ने सीधे किसी पर शक नहीं जताया, लेकिन जांच कर रहे अधिकारियों से यह कहा कि क्लब से ही यह मामला जुड़ा है।

वहीं रोहिनी ने एएसपी व थानेदार से कहा कि गार्ड ने बताया था कि उसने उनके मौत की सूचना आसपास के लोगों को रात एक बजे दी थी, लेकिन कोई नहीं आया। रोहिनी का कहना है कि आसपास झोपड़ी में 20-25 लोग रहते हैं, लेकिन किसी ने यह नहीं बताया कि गार्ड ने रात में पापा के बारे में कुछ बताया हो।

नहीं दिख रहा है वीडियो फुटेज में कुछ भी
रोहिनी का कहना है कि उन्होंने क्लब से सीसीटीवी का फुटेज मंगवाया है। जहां पर घटना हुई है वहां का फुटेज नहीं है। हो सकता है कि फुटेज से छेड़छाड़ की गई हो।

मंगवाएंगे विसरा का रिपोर्ट: टाउन एएसपी बलिराम चौधरी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ भी नहीं है, जिससे उनकी मौत की वजह का पता चले। विसरा को एफएसएल जांच में भेज गया है। एफएसएल रिपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर मंगवाया जाएगा।

क्या है मामला: 67 वर्षीय वीरू बाबू 30 वर्षों से बांकीपुर क्लब के सर्विस मेंबर थे। वे 22 जनवरी की रात राजेन्द्रनगर रोड तीन रहने वाले एसबीआई अधिकारी आरके कक्कड़ के पुत्र के रिसेप्शन में शरीक होने बांकीपुर क्लब गए थे। क्लब में लगे सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक पहली बार देर शाम साढ़े सात बजे बार में गए थे। इसके बाद वे देर रात पौने 12 बजे दोबारा बार में गए थे। 23 की सुबह क्लब के बार में ही उनकी लाश मिली।