पटना। हाजीपुर में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, महासचिव केसी त्यागी और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार पर मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को अपमानित करने तथा उन्हें हटाने को लेकर षड़यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए एक परिवाद पत्र दायर किया गया है।
हाजीपुर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कन्हैया राम की अदालत में परिवाद पत्र भादवि की धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति निरोधक अधिनियम के तहत स्थानीय दलित नेता ललन राम ने अधिवक्ता उमेश प्रसाद शाही के जरिए दायर किया है।
ललन ने अपने परिवाद पत्र में शरद, त्यागी और नीरज पर मांझी के खिलाफ उन्हें अपमानित करने तथा समाज में अशांति फैलाने के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
उसने अपने परिवारवाद में कहा है कि मांझी के मुख्यमंत्री बनने से अनुसूचित जाती समुदाय के अन्य लोगों के साथ वे बहुत खुश हुए थे, लेकिन अखबारों में छपी खबरों के अनुसार इन तीनों नेताओं की टिप्पणी से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
बताते चलें कि इससे पूर्व शरद पर लोजपा के प्रदेश महासचिव विष्णु पासवान ने मांझी के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने से दलित और मुसहर समुदाय की भावना को ठेस लगने का आरोप लगाते हुए पटना व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भरत सिंह की अदालत में एक परिवाद पत्र दायर किया ता। इसके आलोक में पटना एयर पोर्ट थाना में गत 19 जनवरी को एक प्राथमिकी दर्ज हुई थी।