फाइल फोटो: शत्रुघ्न सिन्हा
पटना: देश में हुए उप चुनावों के खराब नतीजों के बीच बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर भावी मुख्यमंत्री के उम्मीदवार को लेकर पार्टी में मचा घमासान तेज हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि अगर पार्टी मौका देगी, तो वे बागडोर संभालने के लिए तैयार हैं। बशर्ते, जिम्मेदारी सर्वसम्मति से मिले।
उप चुनाव नतीजों के लिए सुमो पर निशाना
सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि उनके पास कद है, लेकिन पद नहीं है। प्रदेश भाजपा की बैठकों में उन्हें बुलाया तक नहीं जाता। इसके बाद भी उन्हें किसी से नाराजगी नहीं है। बिहार के उपचुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन का ठीकरा उन्होंने यह कहकर सुशील मोदी के सिर पर फोड़ा कि ताली भी कप्तान को और गाली भी कप्तान को। हालांकि, देशभर में उपचुनावों में भाजपा के खराब प्रदर्शन के लिए
नरेंद्र मोदी या
अमित शाह को जिम्मेदार मानने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि विधानसभा उपचुनाव में सारे फैसले सुमो ने लिए। उम्मीदवारों के नाम तय किए। उन्होंने प्रचार में किसी को आगे आने नहीं दिया। परिणाम भी अच्छा आना चाहिए था। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी भी सुमो को ही लेनी पड़ेगी।
परिणाम खुश होने लायक नहीं : शत्रु
भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उपचुनावों के परिणाम खुश होने लायक नहीं है, लेकिन इससे निराश या हतोत्साहित होने की भी जरूरत नहीं है। इस तरह के परिणाम पहले भी आते रहे हैं। सिन्हा के मुताबिक, ''1984 में भी कांग्रेस को लोकसभा चुनावों में अपार सफलता मिली थी, लेकिन उसके बाद कई राज्यों के चुनाव में उसकी जबरदस्त हार हुई। भाजपा को देखना होगा कि उसकी रणनीति कहां पर कमजोर पड़ रही है। एक तरफ हम विकास का एजेंडा लेकर आए और उसके आधार पर देश में अपार सफलता मिली। उसके बाद क्या हो गया, जो उत्तराखंड में हार गए। बिहार में भी भरपूर सफलता नहीं मिली। हमारे पास अच्छा नेतृत्व है। नरेंद्र मोदी का करिश्मा है। कमी तो हम लोगों में है। यह देखना होगा कि हम कहां पर खरे नहीं उतरे?''
भाजपा-शिवसेना गतिरोध में आएगी कमी
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा-शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे पर चल रहा गतिरोध बुधवार को दूर हो सकता है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुंबई पहुंच रहे हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि वे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलेंगे या नहीं। वहीं उद्धव ने भी पार्टी के तमाम बड़े नेताओं को महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बुलाया है। बता दें कि महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर को वोटिंग है। नामांकन की तारीख करीब रही है। लेकिन दोनों बड़ी पार्टियों में सीटों के बंटवारे पर फैसला नहीं हुआ है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने ट्वीट कर साफ कर दिया है कि वे भाजपा को 135 सीटें नहीं दे सकते। जबकि भाजपा इससे कम में मानने को तैयार नहीं हैं। हालांकि जानकार मानते हैं कि हालिया उप चुनाव नतीजों की वजह से बीजेपी पर दबाव बढ़ेगा।