फोटो: विधायक ज्योति मांझी।
पटना. गया जिले के बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र से जदयू की विधायक ज्योति मांझी ताजा राजनैतिक घटनाक्रम में ऊहापोह की स्थिति में हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते है तो दूसरी ओर राजनीति में उन्हें सम्मान दिलाने वाले नीतीश कुमार। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी से दैनिक भास्कर डॉट कॉम ने की विशेष बातचीत...
ज्योति मांझी बताती हैं कि नीतीश कुमार हमारे नेता हैं और उन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है। हमारे जैसे छोटे लोगों को घर से बुलाकर विधायक बना दिया। दूसरी ओर जीतन राम मांझी के घर में उनकी बेटी है। यह रिश्ता जनम-जनम का बन गया है। ऐसे में उनसे अलग भी नहीं रहा जा सकता है।
ज्योति मांझी ने कहा कि अभी मैंने तय नहीं किया है कि क्या करू। घर परिवार के लोगों का दबाव है कि मैं जीतन राम मांझी को वोट करूं। इस मामले पर हमने अपने घर में वोटिंग कराया। सारे लोग ने मांझी जी के पक्ष में मतदान किया। कुछ ये ही हाल क्षेत्र का भी है। यहां के लोग भी जीतन राम मांझी का समर्थन करने के लिए दबाव बना रहे हैं।
ज्योति मांझी कहती हैं कि मुख्यमंत्री को जब जहानाबाद के मखदुमपुर विधान सभा में उतारा गया तो उनके आग्रह पर ही नीतीश जी ने हमें बाराचट्टी से प्रतिनिधि बनाया था। जीतन राम मांझी ही 1996 से 2010 तक इस विधान सभा का प्रतिनिधित्व किया करते थे।
ज्योति को अभी उम्मीद है कि उनके समधी जीतन राम मांझी अपनी कुर्सी बचा लेंगे। वे कहती हैं कि जीतन राम मांझी कुछ दिन और अगर मुख्यमंत्री रह जाते हैं तो गया का विकास हो जाएगा। कई लबिंत परियोजनाएं शुरू हो जाएगी।
ज्योति ने कहा पटना में जो कुछ हो रहा है उससे यहां रहना मुश्किल हो गया है। इस कारण हमने अपना
मोबाइल बंद कर दिया है। कभी जदयू के प्रदेश अध्यक्ष का फोन आता है तो कभी कोई और। हर कोई यही जानना चाह रहा कि आप किसे समर्थन कर रही हैं।