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डाउनलोड करेंपटना. बिजली बिल की वसूली में राज्य सरकार मार्च के बाद कोई घाटा बर्दाश्त नहीं करेगी। अप्रैल से जिलों को जितनी बिजली मिलेगी उन्हें उपभोक्ताओं से उसकी पूरी कीमत वसूल करनी पड़ेगी। बुधवार को मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा ने दक्षिण बिहार के जिलों के डीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह साफ कर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि बिजली बिल की वसूली में किसी को भी राहत नहीं दी जाएगी लेकिन शहरों पर सबसे अधिक फोकस रहेगा। दिसंबर में जिलों को 438 करोड़ रुपए की बिजली दी गई और 326 करोड़ रुपए की वसूली हुई।
ट्रांसफार्मर लगाने का नियम बदलेगा
राज्य में एमएलए और एमपी की सिफारिश पर ट्रांसफार्मर लगाने का नियम बदला जाएगा। इसके तहत 63 केवीए और 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की कीमत का एक समान मानक तय कर दिया जाएगा। साथ ही किसी इलाके में ट्रांसफार्मर लगाने की सिफारिश पर जिला संचालन समिति की पहले मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार जल्द ही नियमों में बदलाव करेगी। मुख्य सचिव ने बताया कि जन प्रतिनिधियों की सिफारिश पर ट्रांसफार्मर लगाने के बाद उस पर जिला संचालन समिति से मंजूरी लेने का प्रावधान किया जा रहा है। इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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