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डाउनलोड करेंपटना. राज्य सरकार 150 एकड़ में शुगर रिसर्च सेंटर बनाएगी। इसके लिए पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में जमीन देखी गई है। मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार मंगला राय की अध्यक्षता में बनी कमेटी जमीन का मुआयना कर तय करेगी कि कहां रिसर्च सेंटर बनेगा। पुणे स्थित यशवंत राय रिसर्च सेंटर के तर्ज पर इसका निर्माण किया जाएगा।
गन्ना के अच्छे और नए किस्म के बीज का उत्पादन, उसमें लगने वाले रोग का निवारण, पेराई से अधिक से अधिक चीनी का उत्पादन आदि कार्यों के लिए यहां रिसर्च होगा। कृषि एवं गन्ना विभाग के प्रधान सचिव तथा राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति कमेटी के सदस्य होंगे।
50 करोड़ केंद्र से मांगी जाएगी : गन्ना उद्योग विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने कहा कि इसके निर्माण के लिए केंद्र सरकार से भी 50 करोड़ रुपये की मांग की जाएगी। इससे पहले जमीन का चयन का कार्य पूरा करना है। पुणे के सु गर रिसर्च सेंटर का अध्ययन करने यहां की टीम जाएगी।
इस साल 12 में से 11 चीनी मिलों में हो रहा उत्पादन
इस साल राज्य के 12 में से 11 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू की गई है। मोतिहारी चीनी मिल शुरू नहीं हुआ है, जिसमें पिछले साल 25 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। अन्य 11 चीनी मिलों में 15 जनवरी तक 17 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हो चुका है। अनुमान है कि इन मिलों में गन्ने की पेराई समाप्त होने तक 55 लाख क्विंटल से अधिक चीनी का उत्पादन होगा। पिछले साल करीब 51 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था।
उत्पादित चीनी
बगहा 2.68
हरिनगर 3.71
नरकटियागंज 2.61
मझौलिया 1.40
सासामुसा 0.76
गोपालगंज 1.29
सिधवलिया 1.77
रिगा 1.22
हसनपुर 1.24
लौरिया 0.20
सुगौली 0.12
फाइलिन से फसल क्षतिपूर्ति को 121 करोड़ जारी
फाइलिन चक्रवात से किसानों को हुई फसल क्षति के लिए 121 करोड़ 16 लाख रुपए जारी किए गए हैं। गत 13 से 15 अक्टूबर को बिहार में फाइलिन से 1,40,615.42 हेक्टेयर में विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचा था। क्षतिपूर्ति के लिए आपदा प्रबंधन विभाग से मिली राशि को कृषि विभाग ने जिलों को जारी किया है। किसानों को धान, मक्का, दलहन, तेलहन, गन्ना, पान, सब्जी व अन्य मौसमी फसल की क्षति पर असिंचित क्षेत्र के लिए 4500 रुपए प्रति हेक्टेयर मिलेंगे।
सिंचित क्षेत्र के लिए 9000 रुपए प्रति हेक्टेयर व पेरेनियल फसल (बहुवर्षीय फसल) के लिए 12000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से क्षतिपूर्ति मिलेगी। छोटे किसानों को फसल क्षति के लिए 750 रुपए एवं पेरेनियल फसल की क्षति के लिए 1500 रुपए से कम राशि नहीं मिलेगी। बड़े किसानों को अधिकतम एक हेक्टेयर के लिए अनुदान मिलेगा। लगातार दो वर्षों तक प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति की स्थिति में अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए अनुदान मिलेगा। एक किसान को अधिकतम 2 हजार रुपए नकद व 2 हजार रुपए से अधिक की स्थिति में एकाउंट पेयी चेक से भुगतान का प्रावधान किया गया है। 15 मार्च के पहले कृषि इनपुट अनुदान का वितरण कर लेना है।
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