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डाउनलोड करेंपटना. बुधवार की रात। गांधी मैदान इलाके में कलेक्ट्रेट से सटा 1865 में बना बांकीपुर क्लब। स्विमिंग पुल एरिया में रिसेप्शन की पार्टी हो रही थी। रात 7.25 बजे दवा व्यवसाई वीरेश रंजन उर्फ वीरू बाबू पहुंचे। पार्टी में उन्होंने शराब पी। वहां से निकलने के बाद देर रात 11.43 बजे वे लडखते हुए क्लब के अंदर बार रूम की ओर गए। उस समय अधिकांश गेट-दरवाजे बंद हो चुके थे। एक गेट खुली मिली जिसके सहारे वीरू बाबू बार रूम में चले गए।
बांकीपुर क्लब के डायरेक्टर सुभाष प्रसाद सिन्हा ने बताया कि रात एक बजे जब सुपरवाइजर जितेन्द्र रूम बंद करने गया तो अंदर वीरू बाबू को गिरा देखा। नजदीक जाकर देखा तो वे मृत मिले। फिर घबराहट में गेट बंद कर दिया।
सचिव ने दी सूचना
भोर में करीब साढ़े चार बजे बार जितेंद्र रूम को खोला। क्लब के सचिव को मोबाइल पर जानकारी दी। सुबह सवा पांच बजे सचिव से इसकी सूचना मिलते ही डायरेक्टर मौके पर पहुंचे। फिर थोड़ी देर बाद पुलिस पहुंची। बार रूम में काउंटर से सटे संकरे स्थान पर वीरू बाबू गिरे पड़े थे।
क्यों बंद किया बार रूम : वीरू बाबू की मौत की हकीकत जानने के बावजूद सुपरवाइजर जितेंद्र ने बार रूम क्यों बंद किया? उसने क्यों देर से सूचना दी। हत्या का मामला तो नहीं। डायरेक्टर सिन्हा, पूर्व सचिव विजय भगत, कोषाध्यक्ष डा ओम प्रकाश व डा एके सिन्हा ने हत्या आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि नर्वस होने के कारण सूचना देने में देरी हुई। बुधवार रात नौ बजे तक ही जितेंद्र की ड्यूटी थी। फिर वह देर रात क्यों था? जांच में पता चला कि पार्टी होने पर देर रात तक कर्मचारी रहते हैं। बचा खाना खाने के लिए गार्ड रहते हैं।
पूछताछ के बाद छोड़ा
के बाद जिस सुपरवाइजर जितेंद्र (गार्ड) की तलाश की जा रही थी, वह शुक्रवार को पुलिस के सामने पहुंचा। गांधी मैदान थाने में लंबी पूछताछ के बाद देर रात उसे पुलिस ने इस शर्त पर छोड़ा कि वह आगे भी आवश्यकतानुसार जांच-पड़ताल के लिए पुलिस के समक्ष हाजिर होगा।
हत्या के संकेत नहीं
पोस्टमार्टम में नाक व चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं। विसरा को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस जांच में हत्या के संकेत नही मिल रहे हैं। क्लब के पूर्व सचिव विजय भगत ने पुलिस से बातचीत के हवाले कहा कि शनिवार को असलियत का खुलासा हो जाएगा। संभव है गिरने के कारण वीरू बाबू के चेहरे पर चोट लगी होगी। सिटी एसपी के मुताबिक ज्यादा शराब पीने, ब्रेन हेमरेज मौत हो सकती है। कोषाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि वे हाइपर टेंशन के मरीज थे।
क्यों खुला था बार रूम
बांकीपुर क्लब में रात 10 बजे तक ही बार चलता है। बार रूम बंद होने का समय रात 11 बजे है। ऐस में मध्य रात्रि के बाद तक बार रूम कैसे खुली थी?
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