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डाउनलोड करेंपटना. पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कांग्रेस से गठबंधन करने के लिए पिछले छह महीने से बेकरार नीतीश कुमार को कांग्रेस ने ही नकार दिया है। दिखावे के लिए वह कांग्रेस पर भले ही हमला कर रहे हैं, मगर कांग्रेस के समर्थन से ही अपनी अल्पमत की सरकार को बचाए हुए हैं। यदि सही मायने में वे कांग्रेस के विरोध में हैं, तो उन्हें अविलंब कांग्रेस का समर्थन वापस करना चाहिए।
राहुल की मदद मकसद
उन्होंने कहा कि एक ओर तो वे 1989 के भागलपुर और 1984 के सिख दंगों के लिए कांग्रेस को जिम्मेवार ठहराकर उसकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस के चार विधायकों के सहयोग से अपनी सरकार बचाए हुए हैं। दरअसल, वे जनता को धोखा दे रहे हैं। उनका मकसद लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और उसके प्रधानमंत्री पद के अघोषित उम्मीदवार राहुल गांधी की मदद करना है। जदयू और कांग्रेस की भीतरी दोस्ती बनी हुई है। कांग्रेस को भी नीतीश को समर्थन देने के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
17 साल बाद दिखा दोष
श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए उम्मीदवार को वोट देकर और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का बार-बार धन्यवाद ज्ञापित कर उन्होंने अपनी कांग्रेस भक्ति का परिचय भी दिया था। यहां तक कि वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सदाकत आश्रम तक छोडऩे पहुंच गए। 2002 के गुजरात दंगे के लिए भाजपा को आरोपित करने वाले नीतीश कुमार 12 वर्षों तक चुप क्यों रहे? 17 वर्षों तक भाजपा के साथ रहने के बाद उन्हें अब भाजपा में दोष क्यों दिख रहा है? गुजरात दंगे के एक साल के बाद तो गुजरात जाकर नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी।
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