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मुख्यमंत्री ने कहा हमें भी मिला करता है ठेकेदारी में कमीशन का पैसा

6 वर्ष पहले
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पटना. नीतीश कुमार के साथ सीएम की कुर्सी के लिए जारी विवाद के बीच बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को एक विवादास्पद बयान दिया। मांझी ने खुद को नेवला और मुर्गा बताते हुए कहा कि उन्हें राज्य में होने वाले निर्माण कार्यों के ठेकों में करोड़ों का कमीशन मिलता है। । यह कमीशन मुझे भी मिला करता था, लेकिन अब हम ऐसा नहीं करेंगे। ठेकेदारों से जो करोड़ों रुपए का कमीशन मिलता है, उसे अब हम शिक्षकों में वितरित कर देंगे।" मुख्यमंत्री ने यह बात पटना के गांधी मैदान में आयोजित शिक्षक कर्मचारी संघ के स्थापना दिवस पर कही।
सीएम ने पहले खुद को नेवला बताया : जब नेवला और सांप में लड़ाई होती है, तो अंतत: जीत नेवले की ही होती है। नेवले को जब सांप काट लेता है, तो वह औषधीय पौधे या घास में मुंह रगड़ लेता है। फिर आकर लड़ता है और आखिर सांप को मार ही देता है।
फिर मुर्गा : मांझी बोले-सभी जानते हैं कि राजनीतिक अस्थिरता किसने पैदा की है। मैं ऐसा मुर्गा हूं, जिसकी गर्दन मरोड़ी जा रही है, पर मैं टस से मस नहीं हो रहा हूं। मैं यह जान जाऊं कि कल मेरा खात्मा होने वाला है, तब भी मैं अंतिम दिन तक डट के काम करूंगा।
नीतीश को राहत
उधर, जेडीयू नेता नीतीश कुमार को गुरुवार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। पटना हाईकोर्ट ने एक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि नीतीश कुमार जेडीयू के विधायक दल के नेता बने रह सकते हैं। इससे एक दिन पहले, पटना हाईकोर्ट ने नीतीश के विधानमंडल दल के नेता चुने जाने को गैरकानूनी करार दिया था। इसे नीतीश कुमार के समर्थक विधायकों ने पुनर्विचार याचिका दायर करके चुनौती दी थी।
किसानों को देंगे मुफ्त बिजली
मुख्यमंत्री मांझी ने किसानों और शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात का एेलान किया। कृषि यांत्रिकीकरण मेले के उद्‌घाटन के मौके पर कहा-5 एकड़ तक जमीन वाले किसानों को सरकार मुफ्त बिजली देगी। आगे 10 एकड़ भूमि वाले किसानों को भी इस दायरे में लाया जाएगा। एससी-एसटी किसानों को कृषि यंत्र खरीद पर 50 की जगह 80% अनुदान दिया जाएगा।
गांधी मैदान में मांझी ने कहा-सूबे के वित्तरहित माध्यमिक स्कूलों का सरकारीकरण होगा। इनके शिक्षकों को नियोजित शिक्षकों जितना वेतन देंगे। इसके लिए 1993 के एक्ट का सेक्शन तीन का प्रावधान खत्म करेंगे। प्रावधान है कि किसी निजी-संबद्ध विद्यालय का अब अधिग्रहण नहीं होगा। इसपर 90 करोड़ खर्च आएगा। मांझी बोले-मुझे 20 फरवरी तक मौका मिला है। इसके पहले मैं इसे कैबिनेट से भी पास कराऊंगा। 20 के बाद सीएम रहा तो आगे और सुविधा दूंगा।
किसानों के खाते में जाएगा अनुदान
मांझी ने कहा कि योजना मद की पूरी राशि खर्च नहीं हो पाती है। सभी विभागों में एससी-एसटी के लिए 16 प्रतिशत राशि का अलग से प्रावधान है। इस राशि का सही उपयोग के लिए अधिक अनुदान देने में कोई परेशानी हो सकती है। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को आदेश दिया कि एससी-एसटी किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान देने संबंधी प्रस्ताव बनाएं। कृषि यंत्र में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए अनुदान की राशि कृषि यंत्र निर्माता को नहीं देकर किसानों के खाते में सीधे भेजा जाए। अधिकारी यह देख लें कि किसान ने कृषि यंत्र खरीद लिया है।
आगे की स्लाइड्स में देखें मांझी के कार्यक्रम की फोटोज...