पटना. राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के पहले करीब ढाई लाख को नौकरी मिलेगी। इनमें अधिकतर नियुक्तियां नियमित और वेतनमान पर होंगी। सर्वाधिक 1.35 लाख नियुक्तियां शिक्षकों की होगी। प्राथमिक से इंटर तक शिक्षकों की स्थाई नियुक्ति नियत वेतन पर होने जा रही है। अंगीभूत और इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी लगभग साढ़े चार हजार शिक्षकों की नियुक्ति वेतनमान पर होनी है। अगले वर्ष नवम्बर तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका होगी। जनसंख्या के हिसाब से भी बिहार में युवाओं का अनुपात सबसे अधिक 55 प्रतिशत है। ऐसे में इन नियुक्तियों को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
16 हजार पदों का विज्ञापन जारी
16 हजार से अधिक अराजपत्रित पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी हो चुका है। कमर्चारी चयन आयोग द्वारा ये बहाली इंटर और स्नातक स्तर पर होंगी। पदों की संख्या और बढ़ भी सकती है। बिहार लोक सेवा आयोग भी डॉक्टर, प्रोफेसर व राजपत्रित पदों पर नियुक्ति हेतु कार्रवाई कर रहा है। 56 से 59वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर राज्य सेवाओं के अलग-अलग 700 से अधिक राजपत्रित पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री कर रहे खाली पदों की समीक्षा
मुख्यमंत्री मांझी स्वयं खाली पदों की समीक्षा कर रहे हैं। पांच सितंबर को एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने बीपीएससी-एसएससी और अन्य भर्ती बोर्ड को शीघ्र विज्ञापन जारी करने को कहा था। कुछ का विज्ञापन आ गया है, तो कुछ का आने वाला है।
कहां कितनी नियुक्तियां
प्राथमिक शिक्षक (80 हजार)
उर्दू शिक्षक (15 हजार)
हाई स्कूल-इंटर शिक्षक (40 हजार)
इंटर-स्नातक स्तरीय (34 हजार)
विवि शिक्षक (3364)
इंजीनियरिंग कॉलेज शिक्षक (1000)
पंचायत सचिव (3100)
प्रखंड कृषि अनुसंधान पदाधिकारी (2000)
कनीय अभियंता (5000)
सहायक अभियंता (1500)
चिकित्सक (5000)
बिहार कृषि सेवा (500)
वाणिज्य पदाधिकारी (100)
कारा कक्षपाल (3000)
अभियोजन निदेशालय (1000)
सिपाही (12000)
सब इंसपेक्टर (2250)
वनरक्षी (902)
वनपाल - (150)।