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बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में फादर टेरेसा दोषी करार

7 वर्ष पहले
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हाजीपुर. वैशाली के चकवाजा गांव में अनाथाश्रम चला रहे प्रद्युम्न कुमार उर्फ फादर टेरेसा को हाजीपुर कोर्ट ने बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में दोषी करार दिया है। सजा पर गुरुवार को सुनवाई की जाएगी। बुधवार को एडीजे वन बीके त्रिपाठी ने उसे प्रोटेक्शन आॅफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पास्को) के तहत दोषी ठहराया। वह लोकसेवा नाम से आश्रम चलाता था।
प्रद्युम्न आश्रम के बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करता था। लड़कियों को भी उसने हवस का शिकार बनाया था। इस मामले में एक साल तक सुनवाई चली। कुल पंद्रह गवाह पेश किए गए। प्रद्युम्न के कुकृत्यों का खुलासा पिछले साल 23 अक्टूबर को तब हुआ जब आश्रम के 37 बच्चे एक-एक कर बीमार हो गए। एक बच्चे की मौत भी हो गई थी।
डीएम के आदेश पर हुई जांच में आश्रम के ऊपरी तल्ले पर छोटे-छोटे बच्चों को बंद पाया गया था। छापेमारी कर बच्चों को मुक्त कराया गया था। बाद में बच्चों ने डीएम और एसपी को प्रद्युम्न के बारे में चौंकाने वाली जानकारी दी थी।
(दोषी करार दिए गए फादर टेरेसा)