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डाउनलोड करेंपटना. अनुमंडल के वार्ड 57 और वार्ड 67 की करीब 40 हजार की आबादी पानी की समस्या से जूझ रही है। एक वार्ड के पांच इलाकों में पाइप लाइन ही नहीं बिछा है तो दूसरे वार्ड के आधा दर्जन मोहल्ले में महज चार इंच व्यास का पाइप बिछा है। कहीं लोग कुआं के पानी से काम चला रहे हैं तो कहीं कोई भला आदमी अपनी बोरिंग से सैकड़ों का गला तर कर रहा है। कई घरों में तो पांच से पानी की सप्लाई ही नहीं आई है।
दूसरों की मदद से बुझती है प्यास
वार्ड 67 के बख्शी मैदान के रविशंकर केसरी चार साल से अपनी बोरिंग से लोगों को पानी दे रहे हैं। उनके घर पर सुबह से ही खाली बाल्टी, पतीला, केन आदि का तांता लग जाता है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके घर में बोरिंग है पर, मोटर चलाने से उठने वाले बिजली बिल के कारण पानी देने से गुरेज करते हैं। रविशंकर कहते हैं कि सेवा भावना से ऐसा करते हैं। लोगों की जरूरत पूरी कर खुशी मिलती है।
पड़ोसी के बोङ्क्षरग पर सुबह से ही खाली बाल्टी, पतीला, केन लेकर लाइन में लग जाते हैं लोग वार्ड-57 का हाल
यहां के सादिकपुर सराय, मछुआ टोली कुआंपर, तुलसी मंडी के उत्तर की ओर की करीब 23 हजार की आबादी रोजाना पानी की समस्या से जूझती है।
लोगों की शिकायत है कि नगर निगम को गृह टैक्स देने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं से क्यों वंचित रखा गया है। सादिकपुर सराय में सार्वजनिक कुआं है। इसका मुंह बंद कर दिया गया है। मगर करीब दो दर्जन पाइप कुआं में डालकर लोग घर तक संबंधन ले गए हैं। मोटर की मदद से कुएं का पानी खींच कर काम चलाया जा रहा है।
वार्ड-67 का हाल
यहां के बख्शी मैदान, बटाऊकुआं, भीतरी बेगमपुर व आसपास के लोगों को कैमाशिकोह के बोरिंग से पानी नहीं मिल पा रहा है। बोरिंग चालू तो है लेकिन बालू व गंदा पानी फेंकता है। लोगों के घर में गया पाइप लाइन भी जाम हो गया है। मोहल्लों में चार इंच व्यास का ही पाइप लाइन बिछा है। लेकिन इस ओर पानी की आपूर्ति नहीं होती।
वार्ड-67 का हाल
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