पटना. बिना मुखिया, प्रमुख, मेयर और जिला परिषद अध्यक्ष के भी शिक्षकों का नियोजन होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियोजन पत्र के वितरण के लिए आयोजित कैंप में जन-प्रतिनिधियों की गैरहाजिरी में भी नियोजा की कार्रवाई पूर्ण होगी। लंबे समय से चल रहे नियोजन प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए विभाग ने यह निर्णय लिया है।
29 जनवरी से प्लस टू, 31 जनवरी से हाई स्कूल और दो फरवरी से प्रारंभिक शिक्षक अभ्यर्थियों का कैंप लगेगा। विभाग ने इससे संबंधित निर्देश जिलाधिकारियों के दिया है। शिक्षा मंत्री पीके शाही की अध्यक्षाता में शनिवार को हुई बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को दिशा-निर्देश दिया गया।
श्री शाही ने कहा कि कैंप में शामिल होने के लिए नियोजन ईकाइयों के अध्यक्ष-सदस्य को जिलाधिकारियों द्वारा निर्देश दिया जाएगा। इसके बाद भी वे नहीं आते हैं तो डीम्ड रूप से उपस्थित मानकर कार्रवाई पूरी की जाएगी। लेकिन नियोजन ईकाई के सदस्य सचिव कैंप में नहीं आए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
हाथों-हाथ दिए जाएंगे नियोजन पत्र
कैंप में हाथो-हाथ नियोजन पत्र दिए जाएंगे। किसी कारण से अगर उस समय नियोजन पत्र नहीं जारी हुआ तो अधिकतम तीन दिनों के अंदर निर्गत कर देना होगा। कैंप में मेधा सूची के आधार पर एक अभ्यर्थी का नाम तीन बार पुकारा जाएग। इस बीच अभ्यर्थी नहीं आए तो अगला नाम पुकारा जाएगा।
इसके बाद पहले पुकारे गए अभ्यर्थी को कैंप के अंत में सीटें खाली रहने पर ही मौका मिलेगा। आज की बैठक में विभाग के प्रधान सचिव अमरजीत सिन्हा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरबा चौधरी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक एम सरवण समेत अजीत कुमार, अमित कुमार आदि उपस्थित थे।