पटना. एक समय बिहार-झारखंड का आतंक रहा सरगना अनिल शर्मा कैद में भी मस्ती करता है। हाजीपुर जेल का कैदी अनिल शर्मा इलाज कराने पीएमसीएच आया पर यहां दारू भी पीता है। बीते शनिवार को आधी रात के बाद एसएसपी मनु महाराज के निर्देशन में जब पुलिस टीम ने कैदी वार्ड में छापेमारी की तो शक यकीन में बदल गया। अनिल शर्मा के कमरे से शराब की छह बोतलें, दो बाहरी आगंतुक व एक महिला मिली।
आगंतुकों में इमरान अंसारी (ओरमांझी, रांची) और मनोज कुमार शर्मा (चौक, पटना सिटी) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें इमरान खुद को अनिल शर्मा का ड्राइवर व मनोज कुक बता रहा है। सदर डीएसपी रामाकांत प्रसाद और पीरबहोर थानेदार निसार अहमद ने दल-बल के साथ एक घंटे तक कैदी वार्ड में हर कैदी के कमरे को खंगाला। महिला को पीरबहोर थाने लाकर पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया। पीरबहोर थानाध्यक्ष के मुताबिक कैदी वार्ड में मिली महिला सरगना की भगिनी थी। वह शादीशुदा व दिल्ली में रहती है। वह खाना देने गई थी।
शक के घेरे में पुलिस
शराब व बाहरी लोगों की पहुंच से पीएमसीएच के कैदी वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में है। कैदी की सुरक्षा की जिम्मेवारी उसके साथ आने वाले पुलिस दस्ते पर होती है जबकि पीएमसीएच में कैदी वार्ड की सुरक्षा पटना जिला पुलिस संभालती है। गेट पर पटना पुलिस तैनात रहती है। सरगना की सुरक्षा में वैशाली पुलिस के चार जवान राकेश कुमार, जवाहर सिंह, भीम पांडेय और विनोद सिंह (एक सेक्शन फोर्स) तैनात हैं। पीरबहोर थानेदार के मुताबिक, हाजीपुर पुलिस के दस्ते की लापरवाही के खिलाफ रिपोर्ट भेजी जाएगी। 24 अक्टूबर, 2013 को लाया गया था अनिल शर्मा डेढ़ दशक से अधिक समय से अनिल शर्मा जेल में बंद है। पिछले वर्ष हाजीपुर जेल में कैदियों के दो गुटों के बीच हुई खूनी भिड़ंत के बाद 24 अक्टूबर, 2013 की दोपहर अचेतावस्था में अनिल शर्मा को इलाज के लिए पीएमसीएच लाया गया था। उसके बाद करीब 11 महीनों से वह यहीं है।
वो कौन थी? भगिनी या पत्नी
देर रात कैदी वार्ड में मिली महिला कौन थी? पुलिस के विरोधाभासी बयानों के बीच संदिग्ध हालात ने इस पहलू पर सस्पेंस खड़ा कर दिया है कि वह महिला अनिल शर्मा की भगिनी थी या पत्नी? एक तरफ पुलिस अफसरों ने उसे सरगना की भगिनी बताया है। दूसरी ओर कैदी वार्ड के गेट पर तैनात गार्डों ने उसे पत्नी बताया। गेट पर तैनात गार्ड (पुलिसकर्मी) भास्कर यादव ने बताया कि सवा 10 बजे रात में महिला गाड़ी से आई थी। उसके साथ ड्राइवर व एक अन्य व्यक्ति भी था। गेट पर टोकने पर महिला ने खुद को अनिल शर्मा की पत्नी बताते हुए खाना देकर फ्लाइट पकड़ने के लिए जल्दी वहां से निकल जाने की बात कही। यह महिला पहले भी आ चुकी है। पूछताछ के क्रम में अनिल शर्मा व उनके साथ तैनात हाजीपुर पुलिस के सुरक्षाकर्मी पहुंचे। फिर अनिल ने भी कहा कि हमारी पत्नी है खाना लेकर आई है, आने दीजिए।
जेल से चला रहा था जुर्म की सल्तनत
1990 के दशक में बिहार से झारखंड तक खूनी इबारत लिखने वाले सरगना अनिल शर्मा (बेगूसराय) के जुर्म की लंबी फेहरिश्त है। टेंडरवार में उसका आतंक राज था। गिरफ्तारी के बाद सलाखों के अंदर भी उसकी खूंखार फितरत नहीं बदली। रांची जेल में एक कैदी की हत्या में भी उसका नाम आया था। पिछले वर्ष भी हाजीपुर जेल में हुई भिड़ंत में एक कैदी मारा गया था, जबकि अनिल शर्मा घायल हो गया था। रांची के बिरसा मुंडा कारागार में कई बार छापेमारी के दौरान झारखंड पुलिस ने जेल से ही अनिल शर्मा के अपने जुर्म का साम्राज्य झारखंड में चलाने का खुलासा किया था।
जांच के बाद भेजा जेल
कैदी वार्ड में अवैध प्रवेश, शराब रखने व अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इस मामले की जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाएगा। - मनु महाराज, एसएसपी