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कैदी वाहन से 6 जख्मी, भड़के लोग

8 वर्ष पहले
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पटना. सिटी कोर्ट परिसर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक कैदी वाहन ने अधिवक्ता सहित तीन लोगों को कुचल दिया। तीनों घायलों को एनएमसीएच में भर्ती कराया गया। इधर, घटना के बाद वाहन चालक को पुलिस ने आक्रोशित लोगों के चंगुल से छुड़ाया। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ऐसे हुई घटना
सुबह 11.30 बजे बेऊर व पटना सिटी उपकारा से कैदी को लेकर आने वाली बस (बीआरवन जे-5066) ने तेजी से हाजत में घुसने की कोशिश की। हाजत मोड़ के समीप कोर्ट परिसर में खड़े नंदलाल छपरा निवासी संतोष कुमार पिता कृष्णा प्रसाद बस के अगले चक्के के नीचे आ गए। संतोष का बायां पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया। जान बचाने के लिए उसे चिल्लाते देखकर चालक कृष्णा शर्मा वाहन रोकने की बजाए हाजत की ओर भगाने लगा। इस दौरान मालसलामी निवासी अधिवक्ता श्रीभगवान व महावीर घाट निवासी प्रमोद कुमार बस की चपेट में आ गए।

कैदी वाहन के शीशे तोड़े

घटना के बाद लोगों ने चालक को घेर लिया। उसने भागने की कोशिश की तो उग्र लोगों ने कैदी वाहन के शीशे तोड़ डाले। काफी संख्या में अधिवक्ता भी परिसर में जमा हो गए। लोग चालक को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को भांपकर आलमगंज और चौक थाना की पुलिस, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार सिन्हा और डीएसपी राजेश कुमार ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। समझाने -बुझाने के बाद लोग माने।

प्राथमिकी दर्ज हुई

घायल अधिवक्ता श्रीभगवान के बयान पर कैदी वाहन के चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया। अधिवक्ताओं ने दोषी चालक को निलंबित करने की मांग की है।

पहले भी हुआ है ऐसा

कैदी वाहन के चालक की लापरवाही से अशोक राज पथ व कोर्ट परिसर में इस घटना के पहले भी हादसा हो चुका है। दो वर्ष पूर्व वाहन से कैदियों को ले जाने के क्रम में एक न्यायिक पदाधिकारी के स्कूटर को धक्का मार दिया था। इस मुद्दे को लेकर भी काफी विवाद और हंगामा हुआ था।