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डाउनलोड करेंनवादा. पिता की ऐसी हैसियत न थी कि छह बेटियों के हाथ पीले अच्छे घर-बार देखकर कर पाते। पर दिल में हसरत थी कि बेटियां खुश रहे। बड़ी बेटी बेबी की शादी बड़े अरमानों के साथ कर तो दी, पर उसे पति का सुख तीन माह भी न मिला। बेबी को बेवा बना एक सड़क हादसे में चल बसा।
यह अभागा पिता शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के ख्याली बिगहा निवासी विजय प्रसाद है। मजदूरी कर सात संतानों व पत्नी का गुजारा करने वाले इस मजदूर ने बेटी की दूसरी शादी उसकी उम्र से तीन गुने बड़े एक ठेकेदार के मुंशी से कर तो डाली पर यहां भी बेबी की बदकिस्मती ने पीछा न छोड़ा। ससुराल वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर में बेबी ने अपने वृद्ध पति के घर फांसी लगा ली।
36 घंटे फंदे पर रहा शव
बेबी ने मंगलवार की शाम ही फांसी के फंदे से झूल गई थी। बुधवार की शाम गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भी पुलिस ने शव बरामद करने में 12 घंटे की देरी की।
तीन दिन पहले बेटी को किया था विदा, आई मौत की खबर
मजदूर विजय प्रसाद का कहना है कि तीन दिन पहले ही उसने बेटी को समझा-बुझाकर ससुराल के लिए भेजा था। बेबी ने अपनी मां मनिला देवी से अपनी मन की बातें कही थी। 65 साल के पति साथ जिंदगी गुजारने में कठिनाई की बावत भी अपना दुखड़ा सुनाया था, पर गरीबी और लाचारी ने मजदूर पति-पत्नी के मुंह पर खामोशी जड़ दी थी। पांच बेटियां अभी भी हाथ पीले होने के इंतजार में हैं। उसकी मां का कहना है कि बेबी ससुराल में नहीं रहना चाहती थी, पर पिता की इज्जत को आंच न आए इसलिए उसने दोबारा मायके आने की बजाय मौत को गले लगाना उचित समझा।
बेटी की उम्र से भी छोटी थी दूसरी पत्नी
ठेकेदार के मुंशी उमेश प्रसाद ने बेबी से दूसरी शादी बेटे की आस में की थी। पहले से शादी-शुदा उमेश की दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी की शादी कर चुका है। शादी-शुदा बेटी की उम्र बेबी की उम्र से भी ज्यादा है मामले की जानकारी होने के बाद उचित कार्रवाई की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लगता है। पुलिस लड़की के पिता के बयान का इंतजार कर रही है। पति फरार है। ज्योति कु मार बसु, थानाध्यक्ष, वारिसलीगंज
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