पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंहाजीपुर. चेचर ग्राम समूह में खुदाई के बाद इतिहास के रहस्य सामने आने की उम्मीद जगने लगी है। चेचर के कुतुबपुर में दो जगहों पर हो रही खुदाई के दौरान ईंट निर्मित संरचना का पता चला है। पुरातत्वविदों के मुताबिक यह संरचना गुप्तकालीन है। ईंट निर्मित यह संरचना भवन परिसर की है या फिर आवास का इस बात की जानकारी कुछ दिनों की खुदाई के बाद मिलेगी। पुरातत्वविदों का दावा है कि खुदाई के साथ ही इतिहास के रहस्य से पर्दा उठता जाएगा।
यहां नवपाषाण काल तक के मिले अवशेष
अभी तक महज एक मीटर गहराई तक ही खुदाई हुई है। ईंट निर्मित संरचना के अलावा गुप्तकाल के मृदभांडों के अवशेषों के साथ-साथ कुछ मूर्तियां भी मिली हैं। इतिहासकारों का मानना है कि जिस प्रकार के ऐतिहासिक साक्ष्य चेचर से पहले मिल चुके हैं उसके आधार पर चेचर की संस्कृति सिंधु घाटी की संस्कृति के समानांतर थी।
यहां नवपाषाण काल, ताम्रपाषाण काल, मौर्यकाल, शुंग काल, कुषाण काल, गुप्त काल, पाल काल तथा मुगलकाल के अवशेष मिल चुके हैं। यह पहला अवसर है जब खुदाई के दौरान चेचर में नगर संस्कृति मिलने की उम्मीद है। खुदाई इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि चेचर की संस्कृति के विकास में कहीं भी अवरोध नहीं है।
पहले से हैं गांव में कई ऐतिहासिक साक्ष्य
वर्तमान खुदाई से पहले से ही चेचर गांव में ऐतिहासिक साक्ष्य मौजूद हैं। ग्रामीण रामपुकार सिंह के सहयोग से तमाम साक्ष्यों को एक जगह एकीकृत कर उसे एक संग्रहालय का रूप दिया गया। यहां से हड्डी के तीर, लौह औजार, कई तरह की पत्थरों की मूर्तियां, मौर्य तथा गुप्तकालीन सिक्के आदि मिल चुके हैं।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.