(बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एक कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान इस अंदाज़ में नज़र आए थे - फाइल फोटो)
पटना. अपने विवादित बयानों को लेकर मीडिया और राजनेताओं के बीच चर्चा में बने रहने वाले सीएम जीतन राम मांझी भी आम लोगों की तरह अपने कॉलेज के दिनों को भूले नहीं हैं। वे बताते हैं कि उस दौरान भी हम लोगों के बीच चर्चा में रहते थे। सीएम ने कहा कि मेरी सादगी कॉलेज की लड़कियों के बीच मुझे हीरो बना रखा था। कई लड़कियां हमसे ट्यूशन पढ़ने आया करती थीं।
ट्यूशन पढ़ने आने वाली लड़कियां हमारे साथ ही पढ़ाई किया करती थीं। वे मेरी छात्र कम दोस्त ज्यादा हुआ करती थी। ये पूछने पर आपका उनसे रिश्ता किस प्रकार था, दोस्त या छात्र का। वे कहते हैं कि हम एक अच्छे दोस्त थे। लेकिन ये बात है कि हमसे बात करना उन्हें अच्छा लगता था।
बीमारी के कारण नहीं दे पाए थे परीक्षा
महकार गांव से 7 किलोमीटर दूर इस हाई स्कूल में जब जीतन राम मांझी दसवीं क्लास की पढ़ाई कर रहे थे, तब किस्मत ने उन्हें एक बार फिर झटका दिया था। बीमारी के कारण परीक्षा नहीं देने का फैसला किया था। लेकिन जीतन राम मांझी स्कूल के अपने टीचर चंद्रदेव बाबू के कहने पर अपना फैसला बदल दिया। जीतन राम मांझी के इस फैसले ने उसके लिए कामयाबी का एक नया दरवाजा खोल दिया।
इसके बाद मांझी खेतों में बंधुआ मजदूरी के चक्रव्यूह से बाहर निकल कर, गांव के इन खस्ताहाल स्कूलों की खाक छानते हुए गया के डिग्री कॉलेज तक जा पहुंचे। इसके बाद जीतन राम मांझी ने गया के कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की।
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