विशेष राज्य दर्जा मिलने से टैक्स छूट की गारंटी नहीं : सुशील मोदी

8 वर्ष पहले
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पटना: राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि विशेष राज्य दर्जा को लेकर जदयू का प्रचार जनता में भ्रम पैदा कर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बराबर दावा किया है कि विशेष राज्य के दर्जा मिलने पर राज्य को टैक्स में छूट प्राप्त होगा। जिससे राज्य में बड़ी संख्या में उद्योग लगेंगे और लोगों को रोजगार मिलेगा। यह दावा भ्रामक है। इसका सच्चाई से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सच्चई यह है कि विशेष राज्य दर्जा का टैक्स रियायत से कोई संबंध नहीं है। पूर्व उप मुख्यमंत्री बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विशेष राज्य दर्जा मिलने पर टैक्स छूट राज्य को मिल भी सकता है और नहीं भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि असम, नागालैंड और जम्मू काश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा 1969 में मिला लेकिन असम और नागालैंड को इंडस्ट्रियल इंसेंटिव पैकेज 1997 में और जम्मू काश्मीर को यह 2002 में प्राप्त हुआ।
हिमाचल और उत्तराखंड को छूट नहीं
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हिमाचल को विशेष राज्य का दर्जा 25 जनवरी 1971 में और उत्तराखंड को सितंबर 2001 में प्राप्त हुआ लेकिन आज उन्हें कोई टैक्स रियायत प्राप्त नहीं है। हिमाचल को टैक्स रियायत 2003 में दी गई थी जिसे 2010 में वापस ले लिया गया है।
सभी दलों का मुद्दों
उन्होंने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा पर ‘हाइप क्रिएट’ किया गया है। स्पेशल स्टेटस का श्रेय केवल जदयू का मुद्दा नहीं है। इसे राज्य के सभी दलों ने सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करके समर्थन दिया है। यह सभी दलों का मुद्दा है। लेकिन सीएम इस मुद्दे को पार्टी विशेष से जोड़ रहे हैं। भाजपा के 27 अक्टूबर की रैली में विशेष राज्य भी एक मुद्दा होगा। विशेष राज्य पर कांग्रेस के साथ राजनीतिक सौदेबाजी नहीं होनी चाहिए।