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नक्सली झंडे झुकने पर कैमूर की वादियों में मना जश्न

9 वर्ष पहले
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सासाराम। कैमूर पहाड़ी की वादियों में पिछले तीन दशक से लहरा रहे नक्सलियों के लाल झंडे के झुकते ही वनवासियों में उत्साह का संचार हुआ और शांति के गीत गूंज उठे। यह उत्साह उस समय परवान चढ़ा जब बीती रात कैमूरांचल विकास मोर्चा के नेता सुग्रीव खरवार और बबन ठाकुर के नेतृत्व में नौहट्टा के बंडा गांव में 54 गांव के हजारों वनवासी एकत्र हुए। दावत उड़ाई और भरपूर मनोरंजन किया। मौका था नक्सलियों से कैमूर पहाड़ी खाली होने की खुशी में कैमूरांचल विकास मोर्चा के बैनर तले वनवासियों द्वारा दूसरी आजादी के मनाए जा रहे जश्न का। समारोह का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष ललित भगत और अरविंद उरांव ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौैके पर भगत ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, पेयजल और रोजगार से संबंधित कई घोषणाएं की। मोर्चा के अध्यक्ष सुग्रीव सिंह खरवार ने कहा कि एसपी मनु महाराज समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों की पहल से कैमूर पहाड़ी उग्रवाद से मुक्त हो गया है। अब विकास की पहल करने की जरूरत है। कार्यक्रम की शुरुआत इस लड़ाई में शहीद हुए श्रीराम खरवार, अवधेश खरवार, सरस्वती देवी आदि को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इनके बाद रंगारंग कार्यक्रम शुरू हुआ। रातभर लोगों ने नृत्य और गीत का आनंद उठाया। कार्यक्रम में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कन्हैया राम, सीओ सुबोध कुमार, रामाधार सिंह खरवार, युगेश्वर सिंह, दिलीप कुमार दूबे समेत नौहट्टा, रोहतास, चेनारी, अधौरा प्रखंड के लगभग हजारों ग्रामीण उपस्थित थे। तीस वर्षों बाद दूसरी बार हुआ रंगारंग कार्यक्रम रोहतास जिला के कैमूर पहाड़ी पर स्थित गांवों में तीस वर्षों के बाद दूसरी बार रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इससे पहले इस पहाड़ी पर कभी पीपुल्स वार ग्रुप, तो कभी एमसीसी का वर्चस्व रहा। फिर भाकपा माओवादियों द्वारा जारी फतवे के डर से इन गांवों में कभी रंगारंग कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सके थे।

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