पटना. सरगना अजय वर्मा के नाम पर उसके विरोधी छोटू गोप गैंग के गुर्गे ने बाकरगंज के सर्राफा व्यवसायी व सर्राफा संघ के पूर्व अध्यक्ष दिलीप डी. मेहता से पांच लाख रुपए रंगदारी मांगते हुए धमकाया। इसमें व्यवसायी का ड्राइवर सुरेन्द्र पासवान ‘मास्टर माइंड’ निकला।
102 दिनों के बाद ड्राइवर व सरगना छोटू के शूटर प्रमोद पासवान (गोलघर के पास) को गिरफ्तार करके एसएसपी ने शनिवार को यह राज खोला।
दिलीप मेहता ने 3 जून को गांधी मैदान थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए कहा था कि उनकी पत्नी को फोन पर 5 लाख रुपए रंगदारी देने व जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। व्यवसाय बंद कर बिहार छोड़ने तक को धमकाया जा रहा था। गिरफ्तार प्रमोद ने बताया कि छोटू गोप द्वारा पीरबहोर के गोलकपुर में कब्जा किए गए अड्डे पर 10 वर्षों से रहने के कारण उसने सरगना के विरोधी अजय वर्मा का नाम लिया था।
पुलिस व पीड़ित को शातिरों ने खूब छकाया। हर बार रंगदारी मांगने के बाद
मोबाइल का सिम बदल दिया जाता था। पुलिस ने ड्राइवर पर नजरें गड़ाई तो पता चला कि वह रोज शूटर प्रमोद से मिलने बोरिंग रोड में यमुना अपार्टमेंट के पास जाता है। फिर पुलिस ने दोनों को पकड़ कर पूछताछ की तो राज उगल दिया।
आस्तीन का सांप निकला: व्यवसायी ने ड्राइवर नहीं रखने और खुद ड्राइविंग की करने की कसम खाते हुए कहा कि 7 वर्षों से सुरेंद्र ड्राइवर था। उसके पिता उनके यहां बिजली मिस्त्री हैं और भाई भी काम करता है। उसपर विश्वास किया, पर वह आस्तीन का सांप निकला। पहले 5 लाख मांगी, फिर चार लाख देने को कहा।
लूटकांड की भी गुत्थी सुलझी: 4 अक्टूबर 2005 को एग्जीबिशन रोड में हिन्दुस्तान लीवर से जुड़े व्यवसायी विश्वनाथ कुमार से लाखों की राशि लूटने में भी उनके तत्कालीन ड्राइवर सुरेन्द्र ही लुटेरों का लाइनर था। इसमें प्रमोद भी शामिल था। लूट की घटना के गम में दो-तीन दिनों बाद व्यवसायी की मौत हो गई थी।
हमला करने की साजिश थी: एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पूछताछ में शूटर व ड्राइवर मे बताया कि धमकाने पर राशि नहीं मिलती तो व्यवसायी पर हमला करते। एक दशक में दोनों एक दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल रहे हैं।
(एसएसपी के पास पहुंचे सर्राफा संघ के पूर्व अध्यक्ष।)