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अंतिम संस्कार: पूर्व विधायक उमाधर सिंह पंचतत्व में विलीन

सिनुआरा गांव के स्व. बिलट सिंह एवं स्व.जेवरती देवी के चार संतानों में सबसे छोटे उमाधर बाबू का जन्म 1940 में हुआ था।

Dainik Bhaskar

Jun 20, 2014, 04:48 AM IST
Umadhar Singh Funeral
दरभंगा /पटना. हनुमाननगर प्रखंड के सिनुआरा गांव में पूर्व विधायक व नक्सली नेता उमाधर प्रसाद सिंह को गुरुवार दोपहर राज्यकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटे नीतेश कुमार ने मुखाग्नि दी। बुधवार दोपहर बाद जैसे ही उमाधर बाबू के निधन की खबर फैली, उनके पैतृक गांव सिनुआरा व मोगलपुरा स्थित आवास पर लोगों का तांता लग गया।

सिनुआरा गांव के स्व. बिलट सिंह एवं स्व.जेवरती देवी के चार संतानों में सबसे छोटे उमाधर बाबू का जन्म 1940 में हुआ था। स्वतंत्रता सेनानी बड़े भाई स्व. गंगाधर सिंह से प्रभावित व उस दौरान जमींदारो के कहर को देख बचपन से ही गरीबों की आवाज बुलंद करना उनकी आदत बन गई। पैतृक गांव से मिडिल शिक्षा, जिला स्कूल से मैट्रिक , मारवाड़ी कॉलेज से स्नातक व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री ली।

नक्सल आंदोलन से जुड़े रहे कम्युनिस्ट नेता व पूर्व विधायक उमाधर प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार को विधानसभा परिसर लाया गया। यहां उनके पार्थिव शरीर पर विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, उपाध्यक्ष अमरेंद्र प्रसाद सिंह, मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह, ग्रामीण कार्य मंत्री श्रवण कुमार, शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल, खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक, सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह, कला संस्कृति व युवा मंत्री विनय बिहारी, श्रम संसाधन मंत्री दुलाल चंद्र गोस्वामी, विधान सभा में विरोधी दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, ललित यादव, अरुण शंकर प्रसाद, डॉ. अच्युतानंद, लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव, उमाकांत यादव, डॉ. फैयाज अहमद, डॉ. अब्दुल गफूर, जितेंद्र कुमार राय, अख्तरुल इस्लाम शाहीन, दुर्गा प्रसाद सिंह, अंबिका सिंह, सुरेंद्र प्रसाद यादव, संजय सरावगी, अनिल कुमार, डॉ. उषा विद्यार्थी एवं मनीष कुमार, पूर्व विधायक रामचंद्र पूर्वे, समीर कुमार महासेठ, तनवीर हसन सहित विधानसभा के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे कर्मठ व जुझारू नेता थे। दलितों, पिछड़ों व गरीबों के उत्थान के लिए वे हमेशा प्रयत्नशील रहे। उमाधर बाबू को भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल व पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा ने कहा कि नक्सलपंथी किसान आंदोलन में उनका योगदान रहा। उमाधर बाबू का बुधवार को पटना के निजी अस्पताल में निधन हो गया था।
वे 1985 में पहली बार दरभंगा के हायाघाट से विधायक बने। वे सीपीआई एमएल (न्यू डेमोक्रेसी) से जुड़े थे। उन्होंने 1966-67 के छात्र आंदोलन से राजनीति की शुरुआत की थी। जमींदार की हत्या के आरोप में वे 1969 से 77 तक जेल में भी रहे।

मुख्यमंत्री ने उमाधर सिंह को दी श्रद्धांजलि

पटनात्नमुख्यमंत्री जीतन राम माझी ने विधानसभा परिसर में पूर्व विधायक स्व. उमाधर सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि उमाधर सिंह एक जुझारू, कर्मठ एवं जमीन से जुड़े नेता थे।
वे अपने जीवन के अंतिम क्षण तक सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे तथा समाज की सेवा की।विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, विधानसभा में विपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव, राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह, संसदीय व ग्रामीण कार्य मंत्री श्रवण कुमार, भवन निर्माण मंत्री दामोदर रावत ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

फोटो: विधानसभा परिसर में पूर्व विधायक उमाधर सिंह के पार्थिव शरीर पर श्रद्वा सुमन अर्पित करते मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी।
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