पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

27 जनवरी 1984: जब आग की लपटों में घिरे माइकल जैक्शन, देखिए वीडियो

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं कि लोग उन्हें कभी नहीं भूल पाते। सेलिब्रिटीज के साथ भी ऐसी कई यादें जुड़ी होती हैं। पॉप की दुनिया के बेताज बादशाह स्वर्गीय माइकल जैक्सन की जिंदगी से जुड़ी एक घटना ने आज ही के दिन (27 जनवरी) उनके साथ-साथ उनके प्रशंसकों को भी परेशानी में डाल दिया था।
माइकल जैक्सन एक ऐसा नाम है, जिसे दुनिया का बच्चा-बच्चा जानता है। पॉप संगीत को नई ऊंचाइयां देते हुए जैक्सन ने कई बार अपना नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया था। इतना ही नहीं वे 13 ग्रैमी अवॉर्ड्स अपने नाम करने वाले अब तक के एकमात्र कलाकार हैं। यह अवॉर्ड संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी द्वारा संगीत के क्षेत्र में आउटस्टैंडिंग परफॉरमेंस के लिए दिया जाता है। इसका पूरा नाम ग्रामोफोन अवॉर्ड है।
बात 27 जनवरी 1984 की है। जैक्सन, इस दिन लॉस एंजेलिस में विश्व प्रसिद्ध कोल्डड्रिंक पेप्सी के लिए एक विज्ञापन की शूटिंग कर रहे थे। इस विज्ञापन में कई स्पेशल इफेक्ट डालने थे, जिसमें से एक इस कदर गड़बड़ हुआ कि जैक्सन के सिर में आग लग गई। उस समय वहां लगभग 3000 लोग थे, जो शूटिंग देख रहे थे। उन्होंने जैक्सन के सिर में लगी आग को साफ़-साफ़ देखा। आग बढ़ती जा रही थी और जैक्सन अपनी मस्ती में गीत 'बिली जीन' का परफॉरमेंस दिए जा रहे थे। वे बिलकुल भी विचलित नहीं हुए।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो वे उस समय भी ऐसा व्यवहार कर रहे थे कि जैसे वह आग उनके सिर में लगी न हो, बल्कि शो का एक हिस्सा हो। आनन-फानन में लोगों ने आग बुझाई और स्ट्रेचर पर ब्रॉटमैन मेडिकल सेंटर पहुंचाया गया। जैक्सन की भलाई देखिए कि उन्होंने अदालत के बाहर ही इस मामले का निपटारा कर लिया और मुआवजे में जो राशि मिली वह मेडिकल सेंटर को दान कर दी। जिस वार्ड में जैक्सन को भर्ती कराया गया था, उसका नाम माइकल जैक्सन बर्न सेंटर रख दिया गया। यह नाम खुद मेडिकल सेंटर ने जैक्सन को सम्मान देते हुए रखा।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए माइकल जैक्सन के जिंदगी के सफ़र की एक छोटी सी कहानी...