नरेंद्र मोदी एक ऐसे राजनेता हैं जिन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। वो शायद पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने अपनी किताबों को ऑनलाइन किया है, ताकि उनके फैन्स उन्हें पढ़ सकें।
ई-बुक फॉर्मेंट में उन्होंने SCRIBD.Com पर करीब 7 किताबों को ऑनलाइन किया है। गुजराती और हिंदी के अलावा इनमें से कुछ किताबें कई भाषाओं (मराठी, तमिल, कन्नड़) में उपलब्ध हैं।
जलवायु परिवर्तन की चिंता
Convenient Action by Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस किताब का विमोचन दिसंबर, 2010 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। ‘कन्वीनियंट एक्शन: गुजरात्स रेस्पॉन्स टू चैलेंजेज ऑफ क्लाइमेट चेंज’ नाम की इस किताब में मोदी ने बताया है कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए गुजरात ने क्या कदम उठाए हैं। लिखा है कि कारगर क्लाइमेट पॉलिसी के तहत कदम उठाकर किस तरह सुखद परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। यह भी लिखा है कि इस पॉलिसी के बीच विकास भी संभव है। द क्लाइमेट ग्रुप के सीईओ स्टीव हॉवर्ड ने इस किताब को नरेन्द्र मोदी की ग्रीन ऑटोबायोग्राफी बताया था।
इसके अलावा भी मोदी 'अ जर्नी' नाम से अपना कविता संग्रह प्रकाशित कर चुके हैं।
नरेंद्र मोदी के अलावा कई भारतीय राजनेताओं ने भी अपनी व्यस्तता के बीच अपने अनुभव, संस्मरण और विचारों का अपनी किताबों में जिक्र किया है।